लुधियाना। पूर्व कांग्रेसी मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की कोर्ट में दी गई याचिका के मामले में बुधवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। अब 17 सितंबर को उनकी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी होगी।
गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्ध्रू ने सुरक्षा कारणों की वजह से कोर्ट में पेश न होने की अर्जी दायर की थी। 2017 में जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी और भारत भूषण आशु मंत्री थे, उस समय में मंत्री भारत भूषण व डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों में हाउसिंग प्रोजेक्ट के सीएलयू केस में विवाद हो गया था।
सेखों का आरोप है कि मंत्री ने हाउसिंग प्रोजेक्ट की सीएलयू गलत ढंग से पास कराना चाह रहे थे और वह इनकार कर रहे थे। नवजोत सिद्धू उस समय के तत्कालीन स्थानीय निकाय मंत्री थे। सेखों के मुताबिक उक्त मामले के केस की फाइल सिद्धू को दी थी। इस बीच मंत्री ने डीएसपी को धमकी दी थी, जिसका वीडियो वायरल हुआ था।
मामला इतना बढ़ा कि डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों को बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद सेखों ने उक्त मामले को लेकर कोर्ट में आशु पर केस दर्ज करने की शिकायत दी थी। अदालत ने उक्त हाउसिंग प्रोजेक्ट के सीएलयू के केस में नवजोत सिंद्धू को कोर्ट में गवाह बना लिया। अदालत में केस जाने पर ही कोर्ट ने सिद्धू को गवाह बना लिया और उन्हें कोर्ट में पेश होने को कहा, लेकिन सिद्धू ने इस मामले में कोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें गवाह न बनाने की अर्जी दी थी। कोर्ट ने उन्हें पेश होने का नोटिस दिया तो अब सिद्धू के वकीलों नेे उन्हें सुरक्षा कारणों को हवाला देकर पेश न होने की अर्जी दी थी।
बुधवार को सीजेएम मनीश सिंहल की अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें उन्हें 17 सिंतबर को वीसी के जरिये पेश होने को कहा गया है। गौरतलब है नवजोत सिंह सिद्धू रोडरेज मामले में पटियाला जेल में बंद हैं। सुरक्षा कारणों के चलते उन्होेंने कोर्ट में पेश न होने का हवाला दिया था।