संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। सुधार के गांव बोपाराय कलां के सरपंच बलबीर सिंह से विकास कार्य करवाने के लिए प्रयोग प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर 25 हजार रुपये रिश्वत लेने वाले बीडीपीओ अशोक कुमार को विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को अदालत में पेश किया। विजिलेंस टीम ने आरोपी को न्यायाधीश सुमित मक्कड़ की अदालत में पेश किया। वहां से उसका चार दिन का पुलिस रिमांड मांगा गया था, लेकिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने बीडीपीओ अशोक कुमार को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। विजिलेंस की टीम आरोपी अशोक कुमार से पूछताछ करने में जुटी है कि वह पहले कितने मामलों में रिश्वत ले चुका है और उसके साथ कौन-कौन शामिल था।
विजिलेंस के अधिकारी अब यह जांच करने में जुटे हैं कि बीडीपीओ अशोक कुमार की तैनाती सुधार में रहने से पहले कहां-कहां थी और उसके संपर्क किन अधिकारियों से हैं। 25 हजार रुपये में से उसने किसे कितना देना था यह भी जांच की जा रही है। इसके अलावा उसने भ्रष्टाचार के पैसे से कितनी प्रापर्टी बनाई है और कहां-कहां पैसे इस्तेमाल किए हैं इसकी जांच भी की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि गांव बोपाराय कलां के सरपंच बलबीर सिंह से आरोपी अशोक कुमार ने पचास हजार रुपये रिश्वत मांगी थी ताकि उनका काम पहल के आधार पर हो सके। 25 हजार में सौदा तय हो गया और सरपंच बलबीर सिंह ने इसकी शिकायत विजिलेंस के पास कर दी। इके बाद ट्रैप लगाकर विजिलेंस की टीम ने उसे काबू कर लिया था।