लुधियाना। नगर निगम लुधियाना जोन डी के बाहर मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब म्युनिसिपल कर्मचारी दल की अगुवाई में महिला के शव को रखकर प्रदर्शन शुरू हो गया। दल के नेताओं ने निगम अफसरों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते तुरंत निगम कमिश्नर ने दल के प्रधान चौधरी यशपाल सहित अन्य लोगों को बातचीत के लिए बुलाया। उन्होंने पूरा मामले सुनने के बाद जांच करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही शव को वहां से हटाया गया।
म्युनिसिपल कर्मचारी दल प्रधान चौधरी यशपाल ने बताया कि सूरज कुमार निगम ने बतौर पक्का सफाई सेवक काफी समय से काम कर रहा है। लगभग नौ माह पहले वह किसी महिला के साथ प्रेमप्रसंग के चलते फरार हो गया था। उक्त महिला लगभग तीन माह उसके साथ रही और उसके बाद वापस घर लौट गई। इस मामले में सूरज के खिलाफ न तो कोई मामला दर्ज हुआ न ही उसे थाना ले जाया गया। महिला ने शपथ पत्र पर यह लिखकर दे दिया कि वह अपनी मर्जी से सूरज के साथ गई थी और अब वह अपने घर लौट रही है। इस दौरान निगम ने सूरज को गैरहाजिर कर दिया। उसने बहाली के लिए कई बार आवेदन दिया, लेकिन निगम के कुछ मुलाजिम उसे बहाल करने के बजाय डिसमिस करने के लिए धमका रहे हैं। गैरहाजिर रखे जाने से सूरज का वेतन भी बंद हो गया था। इससे उसकी मां बबली परेशान चल रही थी।
सोमवार शाम को किसी ने बबली को बता दिया कि उसके बेटे को डिसमिस किया जा सकता है। इसी गम में उसे दिल का दौरा पड़ा और मौत हो गई। इसके बाद म्यूनिसिपल कर्मचारी दल के पदाधिकारी उसकी मौत के लिए निगम प्रशासन को जिम्मेदार मानते हुए शव को लेकर प्रदर्शन करने पहुंच गए। निगम कमिश्नर प्रदीप सभ्रवाल से मांग की कि सूरज को बहाल नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उसे जल्द बहाल किया जाए। निगम कमिश्नर ने उनकी बातों को मान लिया तो शव को हटाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।