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लुधियाना में 22 को विधायक बैंस स्टेट इलेक्शन कमीशन दफ्तर के बाहर देंगे धरना

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लुधियाना। विधायक बैंक का कहना है कि किसान आंदोलन का समर्थन करने वाली पंजाब सरकार अब किसान आंदोलन को कमजोर करने पर तुली है। किसान आंदोलन के दौरान पहले सरकार ने स्कूल, फिर कालेज अब निकाय चुनाव की तारीख तय कर दी है। इससे साफ है कि निकाय चुनाव में मतदान के लिए आंदोलन में बैठे किसान घर वापस आएंगे।
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इसका सीधा असर किसान आंदोलन पर होगा। लोक इंसाफ पार्टी प्रमुख सिमरजीत सिंह बैंस बुधवार को लुधियाना में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। बैंस ने कहा कि उनकी पार्टी तरफ से सभी जिलों से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को डीसी के माध्यम से पत्र भेजे जा चुके हैं। इसमें निकाय चुनाव रद्द करने की मांग रखी गई थी, लेकिन सरकार ने उनकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसलिए 22 जनवरी को वह अपनी पार्टी के वर्करों के साथ स्टेट इलेक्शन कमीशन दफ्तर के बाहर धरना देकर चुनाव रद्द करने की मांग करेंगे।
विधायक बैंस ने कहा कि अगर चुनाव होंगे तो लाखों की संख्या में किसान आंदोलन को छोड़कर मतदान के लिए अपने घर आएंगे, क्या इससे 56 दिन से चल रहा किसान आंदोलन कमजोर नहीं होगा। पंजाब सरकार को इतनी क्या जल्दी थी कि वह किसान आंदोलन खत्म होने का इंतजार नहीं कर सकी। उन्होंने आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसान नेताओं से भी अपील की है कि वह पंजाब सरकार पर दबाव बनाएं कि आंदोलन खत्म होने तक चुनाव न कराए जाएं।
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बैंस ने कहा कि इस समय सरकार कोरोना संक्रमण की दुहाई दे रही है तो स्कूल और कॉलेज खोलने का फैसला क्यों लिया गया है। जबकि सरकार को पता है कि ज्यादातर युवा इस समय किसान आंदोलन में शिरकत कर रहे हैं। बैंस ने कहा कि निकाय चुनाव के नामांकन 30 जनवरी से दाखिल होने हैं। सरकार चाहे तो चुनाव को रद्द कर आगे करवा सकती है। इसमें फैसला पंजाब सरकार ने लेना है, क्योंकि स्टेट इलेक्शन कमीशन तो सरकार के कहने पर काम करता है।
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