हैबोवाल साउथ सिटी से छह माह पहले अगवा हुई बच्ची आशा को ढूंढने के लिए पुलिस अब सोशल मीडिया का सहारा ले रही है।
पुलिस
इससे पहले बच्ची की तलाश व आरोपी को पकड़ने के लिए उसके ठिकानों पर रेड कर
चुकी है लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। अब पुलिस ने वाट्स ऐप पर बने पुलिस
ग्रुपों के अलावा मीडिया और अन्य ग्रुपों में बच्ची व आरोपी की फोटो अपलोड
कर जानकारी डाली है ताकि बच्ची को ढूंढकर उसके परिवार वालों को सौंपा जाए।
आरोपी राजू को जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
बिंदेश्वर
साहनी ने बताया कि वह लेबर का काम करते हैं। उनके चार बच्चे हैं। इसमें
आशा (6) सबसे छोटी बेटी है। उनका कहना है कि राजू उसका जानकार था। वह पहले
उनके साथ लेबर का काम करता था। 12 सितंबर 2015 को अचानक उनकी छह साल की
बेटी गुम हो गई। उन्होंने बहुत तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद
पुलिस को जहां बच्ची खेल रही थी वहां एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली।
उसमें पता चला कि राजू उनकी बेटी को साइकिल पर बैठाकर ले गया है।
बिंदेश्वर
साहनी ने बताया कि थाना हैबोवाल की पुलिस ने आरोपी राजू के खिलाफ अपहरण का
मामला दर्ज किया है। इसके बाद पुलिस पार्टी ने बिहार स्थित राजू के गांव
मुजफ्फरपुर में छापामारी भी की लेकिन कुछ पता नहीं चला। उसके गांव से
उन्हें पता चला है राजू पहले भी किसी लड़की को अगवाकर लाया था। बिंदेश्वर
साहनी का आरोप है कि राजू के मानव तस्कर गिरोह के साथ भी संबंध है।
उन्होंने उनकी बेटी को बचाने की आशंका जताई है।