यहां तक जहां पर वह काम करते हैं, वहां से भी वेतन नहीं मिला है। उन्होंने बिहार जाना है, प्रशासन उन्हें घर जाने के लिए साधन उपलब्ध करवाए। कुछ प्रवासियों का आरोप था कि जो भी श्रमिक ट्रेनें चलाई गईं हैं, उसमें भेदभाव किया जा रहा है। कुछ मजदूरों की टिकटें छीन कर उनकी जगह अन्य लोगों को भेजा जा रहा है। इसलिए वह अब ज्यादा सहन नहीं कर सकते है। प्रशासन को उन्हें घर भेजने के लिए जल्द इंतजाम करना होगा।