संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। महानगर में फर्जी दस्तावेजों और फर्जी तरीकों से जीएसटी पंजीकरण कराने का प्रयास करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केेस दर्ज किया है। कराधान आयुक्त कमल किशोर यादव के निर्देश के तहत जीएसटी विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त नए पंजीकरण आवेदनों की गहन जांच की। जहां कई गड़बड़ी पाई गईं। इसके चलते आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले में थाना डिवीजन नंबर में विभाग ने पुलिस को शिकायत दी है। इसके बाद पुलिस ने यूपी निवासी जतिंदर कुमार, बिहार सहरसा निवासी अमजद अली, दिल्ली के जगजीत नगर निवासी अजय कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है। विभाग के मुताबिक तीनों आरोपियों ने यदि जीएसटी पंजीकरण करा लिया होता तो सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लगती।
डीसीएसटी रणधीर कौर ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों से जीएसटी अधिनियम के तहत पंजीकरण कराने का प्रयास किया गया है। पंजीकरण आवेदनों की जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ लोगों ने फर्जी फर्मों के लिए जीएसटी पंजीकरण प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन सिस्टम में हेरफेर करने के लिए भ्रामक तरीकों का उपयोग करने की कोशिश की है। विभाग ने ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की है। लुधियाना से जीएसटी के तहत तीन आरोपियों के पंजीकरण आवेदन प्राप्त हुए हैं, जहां तीन अलग-अलग स्थानों के लिए किराए के दस्तावेजों के लिए समान क्रमांक वाले स्टांप पेपर का उपयोग किया गया था और इन पंजीकरण आवेदनों में उपयोग किए गए बिजली बिल में भी एक ही उपभोक्ता संख्या है। बिजली विभाग के माध्यम से संपर्क करने पर पता चला कि उस बिजली बिल के मालिक की इन जगहों पर कोई संपत्ति नहीं है और वह विदेश में बसा हुआ है। रणधीर कौर डीसीएसटी ने कहा कि भविष्य में राज्य के राजस्व के साथ धोखाधड़ी करने की कोशिश करने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।