अवैध अप्रवासियों को लेकर अमृतसर पहुंचा विमान
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पंजाब के लुधियाना का एक युवक दिल्ली से नेपाल और वहां से दुबई पहुंचा। दुबई से वह गुवाना होते हुए डंकी रूट के जरिये अमेरिका के बॉर्डर तक पहुंच गया, लेकिन वहां पकड़ा गया। अमेरिका से डिपोर्ट होकर उसे वापस भेजा गया तो लुधियाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
डंकी रूट से अमेरिका गए और वहां से डिपोर्ट कर भारत वापस भेजे गए मेहरबान की ससराली कॉलोनी निवासी गुरविंदर सिंह (26) पर थाना जमालपुर में स्नेचिंग का मामला दर्ज था। वह अदालत में पेश नहीं हुआ तो अदालत ने उसे भगोड़ा करार दे दिया था। इसके बाद वह दिल्ली में रहा और अवैध तरीके से भारत का बॉर्डर पार कर नेपाल के रास्ते दुबई और फिर गुवाना पहुंचा।
इसके बाद डंकी रूट से मैक्सिको पहुंचा और वहां से जैसे ही बॉर्डर पार कर अमेरिका में प्रवेश किया, अमेरिकी सेना ने उसे काबू कर लिया। अवैध रूप से अमेरिका में घुसे भारतीयों को लेकर तीसरा विमान रविवार अमृतसर में उतरा तो उसमें गुरविंदर भी था। थाना जमालपुर के एसएचओ इंस्पेक्टर कुलबीर सिंह ने बताया कि आरोपी गुरविंदर को स्नेचिंग के मामले में अदालत ने भगोड़ा करार दिया था। सोमवार को उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
45 लाख रुपये किए थे खर्च
उधर, गुरविंदर के परिवार वालों की मानें तो वह परिवार से हिस्सा लेने के बाद बठिंडा के एजेंट के संपर्क में आया था। वहां से उसे दिल्ली के एजेंट से संपर्क कराया गया और फिर दुबई के एजेंट के संपर्क में आया। उसने तीनों एजेंटों को करीब 45 लाख रुपये दिए थे। गुरविंदर के परिवार में इस समय उसके चचेरे भाई की शादी है, जिसका हवाला देकर परिजन मीडिया से बात करने से बचते नजर आए। फिर भी कुछ रिश्तेदारों ने बताया कि गुरविंदर के डिपोर्ट की खबर से वे सदमे में हैं और शादी समारोह में खलल डाले बिना स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
भाई कनाडा में सैटल
आरोपी युवक गुरविंदर का भाई पहले से ही कनाडा में बसा हुआ है। परिवार को शनिवार को पता चला कि गुरविंदर को अवैध रूप से देश में प्रवेश करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। उन्हें यकीन नहीं है कि उसने अमेरिका पहुंचने के लिए डंकी रूट का इस्तेमाल किया था। परिवार ने ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने गुरविंदर की गैरकानूनी यात्रा में मदद की।