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दुबई में फंसे लुधियाना का युवक लौटा वतन, डीसी को मैसेज कर बताई थी व्यथा

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लुधियाना। परिवार की गरीबी को देख हर माह लगभग 35 हजार रुपये कमाई का सपना देख रहा लुधियाना निवासी 24 वर्षीय मनजीत कुमार एजेंट के झांसे में आ गया। उसे नहीं पता था कि दुबई पहुंचने के बाद उस पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ेगा। एजेंट ने धोखे से एक माह के विजिटर वीजा पर दुबई पहुंचा दिया और आश्वासन दिया कि एक माह बाद उसे वर्क परमिट मिल जाएगा। लेकिन एक माह बाद जब वर्क वीजा नहीं मिला तो रोटी खाने के लाले पड़ गए। आखिरकार पीड़ित ने किसी किसी तरह लुधियाना के डीसी वरिंदर शर्मा को मैसेज कर जानकारी दी। डीसी ने कार्रवाई करते हुए सरबत दा भला ट्रस्ट के एसपीएस ओबराय से संपर्क किया। रविवार को पीड़ित युवक लुधियाना में अपने परिवार के पास पहुंच गया।
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लुधियाना के बाबा नामदेव नगर निवासी मनजीत कुमार ने बताया कि वह नॉन मेडिकल में प्लस टू पास है। उसका बड़ा भाई और एक छोटी बहन है। पिता हौजरी का काम करते हैं, लेकिन कोरोना के कारण कारोबार ठप हो चुका है। वह लुधियाना में एसी रिपेयर का काम करता था। ऐसे में उसे एक दिन एजेंट मिला, उसने सब्जबाग दिखाया कि वह उसे दुबई भेज देगा। दुबई में हर माह 35 हजार रुपये आसानी से कमा सकता है। 26 फरवरी 2021 को वह दुबई चला गया, इसकी एवज में एजेंट को 80 हजार रुपये दिए। एक माह तो काम ठीक चला, लेकिन 6 अप्रैल को उसका विजिटर वीजा खत्म हो गया। उसने एजेंट से संपर्क किया, लेकिन उसने कोई सही जवाब नहीं दिया गया। वह दुबई पुलिस के पास गया, फिर भी कोई हल नहीं निकला। इसके बाद लेबर कोर्ट गया तो वहां भी वकील की जरूरत थी। उसकी आर्थिक हालत ऐसी नहीं थी कि वह केस लड़ सके। यहां तक कंपनी ने भी उसे निकाल दिया।
किसी तरह वह अपने दोस्तों के पास पहुंचा, उन्होंने कंपनी के घर में रख लिया। लेकिन 15 दिन बाद कंपनी को पता चला कि कोई युवक वहां रह रहा है तो उसे कमरा छोड़ना पड़ा। वह दुबई में एजेंट के व्यक्ति से मिला, वह उसे अपने साथ दफ्तर ले गया। वहां दो युवक और थे। तीन से चार दिन बाद एजेंट का व्यक्ति दफ्तर आता था, उन्हें 50 दराम देकर चला जाता था। इतने पैसे में वह दिन में एक टाइम एक रोटी खाकर किसी तरह गुजारा करते रहे। उसकी उम्मीद खत्म हो रही थी कि वह अपने परिवार के पास पहुंच सकेगा। इसके बाद लुधियाना के एक दोस्त ने उसे डीसी वरिंदर शर्मा का नंबर दिया, उसने व्हाट्स एप पर उन्हें एक मैसेज कर पूरी बात बताई। उन्होंने बहुत अच्छा रिस्पांस देते हुए भरोसा दिया कि वह उसकी हर संभव मदद करेंगे। वीजा समय खत्म होने के कारण उस पर 90 हजार रुपये जुर्माना बन चुका था। मैसेज के बाद डीसी वरिंदर शर्मा ने एसपीएस ओबराय से बात की, उनकी मदद से मनजीत कुमार रविवार को सुबह 1:30 बजे फ्लाइट से भारत पहुंच गया और सुबह अपने घर लुधियाना पहुंच गया है।
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