स्मार्ट सिटी बनाने के लिए पिछले कई दिन से केंद्र से आई टीम विभिन्न वर्गों से बातचीत कर रही है। इसी क्रम में मंगलवार को निगम हाउस की बैठक में स्मार्ट सिटी कैसे बने, इस पर मंथन कर सुझाव लिए गए। बैठक में पार्षदों ने अधिकारियों को आईना दिखाते हुए शहर की जमीनी हकीकत से अवगत कराया।
पार्षदों ने बैठक में जाम सीवरेज, पीने के साफ पानी की कमी, कमजोर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम, पब्लिक शौचालयों की कमी, टूटी सड़कों समेत तमाम समस्याओं को उठाते हुए सवाल किया कि इन हालात में शहर को स्मार्ट कैसे बनाया जा सकता है। करोड़ों रुपये खर्च करके भी लोगों को बुनियादी सहूलियतें तक नहीं मिल पा रही हैं। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए पहले निगम अधिकारियों और मुलाजिमों का माइंड सेट बदलना होगा। बैठक में शहर के 75 में से 28 पार्षद ही मौजूद रहे। शिअद, कांग्रेस, भाजपा और बैंस गुट के अधिकतर पार्षद अनुपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता मेयर हरचरण सिंह गोहलवड़िया और कमिश्नर जीके सिंह ने की। कमिश्नर ने कहा कि स्मार्ट सिटी पर सुझाव के लिए टोल फ्री नंबर 1800-1800-021 भी जारी किया गया है, इस पर भी लुधियानवी अपना सुझाव दे सकते हैं।
कांग्रेस के जिला प्रधान और पार्षद गुरप्रीत गोगी ने कहा कि निगम आज तक पीने का साफ पानी तक मुहैया नहीं करा पाया है, नतीजतन लोग बीमार हो रहे हैं। पार्षद इंद्र इकबाल ने कहा कि कूड़ा उठाने का पुख्ता इंतजाम नहीं है। सड़कों पर कूड़ा बिखरा रहता है। ऐसे में स्मार्ट सिटी कैसे बन पाएगा।