पंजाब के लुधियाना में एक करोड़ रुपये की लॉटरी निकली है, लेकिन लॉटरी खरीदने वाले का कोई अता-पता नहीं है। नागालैंड सरकार की दो हजार रुपये में खरीदे गए लॉटरी टिकट वाले शख्स का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। दुकान पर पिछले कुछ दिनों से ढोल बजाकर दुकानदार एक करोड़ की लॉटरी विजेता को ढूंढने में लगा है।
दुकानदार मंजीत सिंह का कहना है कि लॉटरी खरीदने वाले ने अपना पता तो दिया नहीं और अपना नाम गुप्त रखवा दिया। अब उसकी लॉटरी का नंबर निकला है तो उसका कोई कॉन्टेक्ट नंबर नहीं है। उसे ढूंढा जा रहा है, लेकिन वह मिल नहीं रहा है। एक करोड़ की लॉटरी विजेता का ढोल बजाकर पता लगाने की कोशिश की जा रही है। एक महीने में लॉटरी की राशि का क्लेम करना होगा। क्लेम करने के बाद ही रुपये मिलेंगे। अगर एक महीने तक क्लेम नहीं किया तो लॉटरी के एक करोड़ रुपये नहीं मिलेंगे।
एक ओंकार एजेंसी के नाम से दुकान चलाने वाले मंजीत सिंह ने बताया कि उनकी दुकान से नागालैंड सरकार की ओर से चलाई जा रही लॉटरी बेची गई थी। किसी व्यक्ति ने 2 हजार रुपये में लॉटरी टिकट खरीदा था। उस व्यक्ति ने अपना नंबर गुप्त रखवाया था। कहा था कि लॉटरी खरीद रहा हूं, लेकिन मेरा नाम गुप्त ही रखना। मनजीत सिंह ने बताया कि करीब एक माह पहले ड्रॉ निकला। इसमें से टिकट नंबर 7565 पर 1 करोड़ रुपये का इनाम निकला है। इसका पता चलते ही कि लॉटरी उनकी दुकान से बिकी है, वे खुश हो गए। मगर, अभी तक टिकट खरीदने वाले का कुछ पता नहीं लग पाया है। ग्राहक की तलाश में लगातार लॉटरी विक्रेता ढोल बजवा रहे हैं।
मनजीत सिंह ने बताया कि इस टिकट की कीमत 2 हजार रुपये थी। इस टिकट की वेलिडिटी एक महीने की है। एक महीने के भीतर लॉटरी विजेता टिकट लेकर आता है तो राशि मिलेगी, लेकिन एक महीने के बाद आता है तो क्लेम नहीं मिलेगा। उन्होंने ग्राहक को संदेश दिया है कि अपनी टिकट क्लेम कर ले। दुकान के कर्मचारी मनप्रीत सिंह ने कहा कि इस बार हमारी हैट्रिक हुई है। पहले 20 लाख की पुरस्कार हमारी दुकान से किसी ग्राहक का निकला था। फिर 50 लाख का पुरस्कार निकला और अब एक करोड़ का पुरस्कार किसी ने जीता है। हमारी दुकान से करीब 80 टिकट बेची है, उसी में से इनाम निकला है।