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लुधियाना एनडीपीएस कोर्ट का फैसला: अंतरराज्यीय तस्कर अजीत सिंह को 10 साल की सजा, चरस बरामदगी में दी सजा

Thu, 26 Feb 2026 11:47 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

20 फरवरी 2018 को एनसीबी ने गुप्त सूचना के आधार पर कठुआ निवासी अजीत सिंह को गिरफ्तार कर उससे भारी मात्रा में चरस बरामद की थी।
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court - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई को बड़ी मजबूती देते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की चंडीगढ़ जोनल यूनिट को अहम कामयाबी मिली है। 
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लुधियाना की विशेष एनडीपीएस अदालत ने अंतरराज्यीय चरस तस्करी मामले में आरोपी अजीत सिंह को 10 साल की कठोर कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है, जिसे नशा तस्करों के लिए कड़ी चेतावनी माना जा रहा है।

मामला 20 फरवरी 2018 का है। एनसीबी को गुप्त सूचना मिली थी कि लुधियाना में बड़ी मात्रा में चरस की खेप लाई जा रही है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एनसीबी की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने जाल बिछाया और जम्मू-कश्मीर के कठुआ निवासी अजीत सिंह को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 2.840 किलोग्राम चरस बरामद हुई।
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पूछताछ के दौरान मिले सुराग के आधार पर टीम ने शहर के लकी होटल में छापा मारा, जहां से उसके साथी श्याम लाल (निवासी कठुआ) को गिरफ्तार किया गया। श्याम लाल के पास से 1.175 किलोग्राम चरस बरामद हुई। इस तरह एक ही दिन में चार किलोग्राम से अधिक चरस जब्त कर एनसीबी ने अंतरराज्यीय तस्करी के इस नेटवर्क की कमर तोड़ दी।

एनसीबी ने अगस्त 2018 में दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे के दौरान 20 नवंबर 2025 को आरोपी श्याम लाल की मृत्यु हो गई, जिसके चलते उसके खिलाफ चल रही कार्यवाही समाप्त कर दी गई। वहीं अजीत सिंह के खिलाफ मामला जारी रहा और पुख्ता सबूतों के आधार पर कोर्ट ने उसे दोषी ठहराया।
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एनसीबी की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने इस फैसले को नशे के खिलाफ अभियान में मील का पत्थर बताया है। विभाग का कहना है कि ड्रग नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने तक कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी राज्य से जुड़ा हो। 
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