नगर निगम की ओर से हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देकर घुमारमंडी में गिराए गए नाजायज कब्जे के मामले में सोमवार को बेघर हुए लोगों ने घुमारमंडी रोड पर यातायात जाम कर दिया।
धरने में मौजूद लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और नगर निगम के अधिकारियों की ओर से कब्जे गिराते समय किए गए नुकसान की भरपाई करने की मांग की। जाम की सूचना पर पुलिस पार्टी पहुंची और जाम खुलवाया।
धरने पर बैठे लोगों ने बताया कि उन्हें सामान निकालने का भी समय नहीं दिया गया। इससे उन्हें लाखों का नुकसान उठाना पड़ा। एक दुकानदार ने आरोप लगाया कि उनकी दुकान में 15 लाख रुपये का सामान था जो मलबे के नीचे दब गया।
वह सामान निकालने के लिए नगर निगम और पुलिस अधिकारियों की मिन्नतें करते रहे। लोगों ने आरोप लगाया कि ग्यासपुरा इलाके में नगर निगम और पुलिस ने पुलिस महकमें में तैनात एक व्यक्ति को सामान निकालने के लिए कई घंटे का समय दिया था लेकिन नगर निगम ने घुमारमंडी इलाके में बसे लोगों के साथ धोखा किया।
लोगों ने नगर निगम से मांग की कि वह कार्रवाई के दौरान हुए नुकसान की भरपाई करे। ऐसा न होने पर वह अदालत के जरिये अपना हक मांगेंगे।