लोक इंसाफ पार्टी प्रमुख और हलका आत्मनगर से विधायक सिमरजीत सिंह बैंस की मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही है। अतिरिक्त चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरनजीत सिंह की अदालत ने कोविड-19 नियमों के उल्लंघन मामले में विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। विधायक और उनके भाई सुनवाई के दौरान पेश नहीं हो रहे थे। इस पर अदालत ने संज्ञान लिया है। एक दुष्कर्म के मामले में विधायक सिरमजीत सिंह बैंस के खिलाफ पहले से गैर-जमानती वारंट जारी हो चुका है।
गौरतलब है कि विधायक बैंस और उनके समर्थकों ने अगस्त 2020 में पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर धरना दिया था। इस प्रदर्शन के दौरान कोविड नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। ज्यादातर लोगों ने मास्क तक नहीं पहना था। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं किया गया था। इस मामले में पुलिस ने लगभग 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
यह अदालत में बार-बार पेश नहीं हो रहे थे। अदालत को बताया गया है कि बैंस चंडीगढ़ गए हैं इसलिए वह अदालत में पेश नहीं हो सकते हैं। इस दौरान अदालत के संज्ञान में यह बात भी लाई गई कि एक अन्य अदालत ने दुष्कर्म के केस में विधायक बैंस को भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई शुरू की है। वह उस अदालत में भी पेश नहीं हो रहे हैं।
इस कारण अदालत ने विधायक की ओर से दायर हाजिरी माफ की अर्जी को खारिज कर दिया और उनकी जमानत को रद्द कर दिया। विधायक बैंस के खिलाफ 28 जनवरी के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है। अदालत ने उनके भाई बलविंदर बैंस की अर्जी को स्वीकार कर लिया और उन्हें पेशी पर व्यक्तिगत रूप से छूट दे दी।