लुधियाना। सात मई को लुधियाना के एक चौराहे पर 11 वर्षीय बालक वंश का वीडियो वायरल हुआ था, जोकि अपने परिवार की मदद के लिए चौराहे पर जुराबें बेच रहा था। यह वीडियो किसी तरह मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास भी पहुंचा था। इसे देखने के बाद उन्होंने तुरंत वंश के परिवार को दो लाख रुपये सहायता देने का एलान किया था।
बुधवार को डीसी वरिंदर शर्मा ने वंश के माता पिता को दो लाख रुपये का चेक भेंट किया। वहीं वंश को पीएयू स्थित स्मार्ट स्कूल में दाखिला भी दिलवाया। उसके बड़े भाई की आगे की शिक्षा के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को उचित निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि लुधियाना के एक चौराहे पर एक बालक जुराबें बेच रहा था, एक कार चालक ने उसके पास आकर अपनी कार रोकी। उससे इस तरह जुराबें बेचने का कारण पूछा, तो वंश ने बड़ी मासूमियत से परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला दिया। उक्त व्यक्ति ने उसकी हालत को देखते ज्यादा पैसे देने चाहे, तो उसने ज्यादा पैसे लेने से साफ मना कर दिया। उसकी खुद्दारी के कारण यह वीडियो काफी वायरल हुआ था। वंश अपने माता-पिता के साथ हैबोवाल एरिया में किराये के घर पर रहता है। उसके पिता भी जुराबें बेचने का काम करते हैं, जबकि मां घर पर ही काम करती है।
डीसी वरिंदर शर्मा ने बताया कि वंश को पीएयू स्कूल में दाखिल करवा दिया गया है और बड़े भाई को दसवीं कक्षा में दाखिल करवाया गया है। वंश के पिता परमजीत सिंह और मां रानी को दो लाख रुपये का चेक दिया। साथ ही उन्हें कहा कि अब यह बच्चा सिर्फ पढ़ाई करेगा और सबका नाम रोशन करेगा। भविष्य में भी वंश को इसी तरह सहायता मिलती रहेगी।