लोकसभा चुनाव 2024 के लिए लुधियाना का मैदान सज चुका है। इस राजनीतिक रण में अब एक सांसद, दो विधायक और एक पूर्व विधायक ताल ठोक रहे हैं। साफ है कि इस बार लुधियाना में मुकाबला दिलचस्प होने जा रहा है, क्योंकि राजनीतिक दलों ने मंझे हुए राजनेताओं को चुनाव मैदान में उतारा है।
वहीं मजे की बात ये है कि चारों महाराथी शिक्षा के मामले में फिसड्डी हैं और इनमें से एक भी स्नातक नहीं है। इसे लेकर पंजाब की आर्थिक राजधानी का बुद्धिजीवी वर्ग कहीं न कहीं चिंतित दिखाई देता है।
बारहवीं पास हैं बिट्टू
इस बार श्री आनंदपुर साहिब और दो बार से लुधियाना के सांसद रहे रवनीत बिट्टू ने चुनावी माहौल में पाला बदला और वे कांग्रेस का हाथ झटक कर भाजपा में शामिल हो गए। अब वे भाजपा की तरफ से चुनाव मैदान में हैं। बिट्टू ने बारहवीं कक्षा तक ही शिक्षा हासिल की है।
दसवीं तक पढ़े हैं वड़िंग
कांग्रेस ने प्रदेश प्रधान एवं हलका गिद्दड़बाहा से तीन बार के विधायक अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को लुधियाना से टिकट थमाया है। राजा वड़िंग भी केवल दसवीं कक्षा तक ही पढ़े हैं।
अकाली प्रत्याशी भी हैं दसवीं पास
शिरोमणि अकाली दल ने पूर्व विधायक एवं पूर्व जिला प्रधान रंजीत सिंह ढिल्लों को संसदीय सीट पर उतारा है। रंजीत ढिल्लों ने भी दसवीं तक ही शिक्षा हासिल की है।
सातवीं पास हैं आप उम्मीदवार पप्पी
आम आदमी पार्टी ने हलका सेंट्रल से विधायक अशोक पराशर पप्पी को पार्टी की तरफ से लोकसभा का टिकट दिया है। पप्पी ने केवल सातवीं तक ही शिक्षा हासिल की है। पप्पी भी पहले कांग्रेसी थे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में वे कांग्रेस का हाथ छोड़ कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए और हलका सेंट्रल से विधायक बने।
चार उम्मीदवारों में से तीन टकसाली कांग्रेसी
अब लुधियाना संसदीय सीट पर चार में से तीन उम्मीदवार टकसाली कांग्रेसी हैं और इनमें से दो ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए पाला बदला है, जबकि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बाहरी उम्मीदवार बता कर घेरा जा रहा है। उधर, रंजीत सिंह ढिल्लों भी टकसाली अकाली हैं और उनकी हलके में अच्छी पैठ है। अभी माना जा रहा है कि लोक इंसाफ पार्टी के प्रधान एवं पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस भी इस रण में कूद सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो यह मुकाबला पांच कोणीय होगा, क्योंकि बैंस ने पिछले लोकसभा चुनाव में 3.06 लाख से अधिक वोट लेकर दूसरे नंबर पर अपनी जगह बनाई थी, जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में सिमरजीत बैंस ने 2.10 लाख से अधिक वोट हासिल किए थे। साफ है कि बैंस भी इस मुकाबले को और मजेदार बना सकते हैं। इस बार के चुनाव में राजनीतिक टक्कर जोरदार होगी और काफी कम मार्जिन के साथ ही यह सीट पर जीत दर्ज होगी।