पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुण प्रीत सिंह सौंद विश्वकर्मा शैक्षणिक एवं कल्याण सभा द्वारा विश्वकर्मा मंदिर, खन्ना में आयोजित बाबा विश्वकर्मा के 66वें वार्षिक महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के महान रचनाकार, इंजीनियरिंग और निर्माण तकनीक के प्रथम प्रणेता माने जाते हैं।
मंत्री सौंद ने कहा कि आज दुनिया भर में औद्योगिक और बुनियादी ढांचे का जो विकास दिख रहा है, वह भगवान विश्वकर्मा की प्रेरणा का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह देवता न केवल सृजन के प्रतीक हैं बल्कि श्रम और परिश्रम के प्रति सम्मान की भावना भी जगाते हैं।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सौंद ने कहा कि पंजाब सरकार युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने के लिए अनेक योजनाओं पर कार्य कर रही है। पंजाबियों में उद्यमिता और नेतृत्व के गुण कूट-कूट कर भरे हैं, और उन्हीं के बल पर उन्होंने दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।
मंत्री सौंद ने मंदिर प्रबंधन समिति को अपने विवेकाधीन कोष से 5 लाख की राशि देने की घोषणा की और साथ ही हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
इस अवसर पर मंत्री के पिता भूपिंदर सिंह सौंद (अध्यक्ष, बाबा विश्वकर्मा रामगढ़िया सभा खन्ना),ईओ, चरणजीत सिंह, राजिंदर सिंह जीत, एडवोकेट मनमीत सिंह नागरा, सुखदेव सिंह कलसी (संरक्षक, विश्वकर्मा शैक्षणिक एवं कल्याण सभा, खन्ना), हरजीत सिंह सोहल (अध्यक्ष), हरमेश लोटे (उपाध्यक्ष), बलविंदर सिंह सौंद (अध्यक्ष), सुभाष लोटे, आदर्श कुमार भेले, राजिंदर सिंह सोहल, गुरप्रीत देवगन, गुरचरण सिंह विरदी, मोहन सिंह घटौरा, परमजीत सिंह धीमान, मोहन सिंह के अलावा अन्य लोग भी मौजूद थे।