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सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ ज्वेलर्स का बंद

Thu, 03 Mar 2016 10:06 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
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केंद्रीय बजट में सोने एवं हीरे के आभूषणों पर एक फीसदी सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगाने के विरोध में ज्वेलर्स का बंद वीरवार को भी जारी रहा। पंजाब ज्वेलर्स एंड स्वर्णकार फेडरेशन के बैनर तले कारोबारियों ने कॉलेज रोड पर प्रदर्शन किया, धरना दिया और केंद्र के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। फेडरेशन ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार ड्यूटी वापस नहीं लेती संघर्ष जारी रहेगा।
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केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोने एवं हीरे के आभूषणों की खरीद पर एक फीसदी सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगाई है यदि इनपुट क्रेडिट नहीं लेना है। यदि क्रेडिट लेना है तो ड्यूटी की दर 12.5 फीसदी होगी।

केंद्र में यूपीए सरकार के कार्यकाल में भी वर्ष 2005 और 2012 में भी आभूषणों पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन देश भर में ज्वेलर्स के विरोध के बाद इसे वापस ले लिया गया। तब विपक्ष में बैठी भाजपा ने ज्वेलर्स का साथ दिया था। अब सत्ता में बैठी भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने ज्वेलर्स को फिर से इंस्पेक्टरी राज की तरफ धकेल दिया है। नतीजतन देश भर के ज्वेलर्स मोदी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर कर नारे लगा रहे हैं।
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देशव्यापी 72 घंटे की हड़ताल से इस सेक्टर को पांच हजार करोड़ रुपये के कारोबारी और सरकार को पांच सौ करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अंदेशा है। इस उद्योग से देश भर में छह करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं। देश में अब यह 3.15 लाख करोड़ का उद्योग है जो 2018 में बढ़कर पांच लाख करोड़ का आंकड़ा पार कर लेगा।

पंजाब ज्वेलर्स एंड स्वर्णकार फेडरेशन के प्रधान आनंद सीकरी एवं महासचिव मनोज ढांडा का कहना है कि पंजाब में करीब डेढ़ लाख ज्वेलर एवं स्वर्णकार हड़ताल पर हैं। हड़ताल से रोजाना ट्रेड को पंजाब में दस करोड़ का कारोबारी नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि अधिकतर कारोबारी असंगठित क्षेत्र में स्थित हैं। वे सेंट्रल एक्साइज की पेचीदगी को समझ नहीं पाएंगे। धरने में विनीत ढांडा, सरजीवन धीर, सतीश धीर, आत्म भसीन मौजूद थे।
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