जलालाबाद के चर्चित व्यापारी सुमन मुटनेजा अपहरण हत्या मामले में फैसला आ गया है। जिला सेशन जज अजीत पाल सिंह की अदालत ने व्यापारी सुमन मुटनेजा के अपहरण और हत्या के दोषी चार लोगों को उम्रकैद और दो को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है।
जानकारी के मुताबिक वर्ष 2019 में सिटी जलालाबाद थाना ने व्यापारी सुमन के अपहरण और हत्या करने के आरोप में छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इनमें अमनदीप सिंह, दविंदर सिंह, परहत सिंह, सुखपाल सिंह, गंगा सिंह व सतनाम सिंह शामिल थे। उक्त दोषियों ने सुमन का अपहरण कर हत्या कर दी थी। अदालत ने सभी सबूतों को ध्यान में रखते हुए दोषी अमनदीप, दविंदर, परहत व सुखपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि दोषी गंगा सिंह व सतनाम सिंह को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। यही नहीं दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कुछ ऐसी थी आरोपियों की प्लानिंग
जलालाबाद के खाद व कीटनाशक दवाओं के व्यापारी सुमन मुटनेजा 18 अप्रैल की शाम को अपनी कार में घर के लिए निकले थे। आरोपियों प्लानिंग के मुताबिक, स्विफ्ट डिजायर कार जलालाबाद फिरोजपुर रोड पर लक्कड़ के आरे के पास खड़ी करके उसका बोनट उठा दिया। जब मुटनेजा अपनी कार में उनके पास से निकलने लगे तो उन्होंने हाथ देकर रोक लिया और कहा कि उनकी कार खराब है। लिफ्ट मांगते हुए वे मुटनेजा की कार में बैठ गए और उन्हें बंधक बना लिया।
नहर में फेंकी थी लाश
पुलिस ने अनुसार आरोपियों ने उनकी हत्या करके कार और लाश हाथ-पांव बांध कर गंग नहर में फेंक दी थी। हत्या करने से पहले उन्होंने मुटनेजा की आवाज रिकॉर्ड कर ली थी। इसके बाद आरोपी राजस्थान के हिंदूमलकोट चले गए और यहीं से आरोपियों ने मुटनेजा के परिजनों को उसी के मोबाइल फोन से कॉल की और रिकॉर्ड आवाज मुटनेजा के बेटे अभिनंदन को सुनाई।
मांगी थी एक करोड़ की फिरौती
रिकॉर्डिंग में मुटनेजा कह रहे हैं कि मैं ठीक हूं, ये जो मांगते हैं, इन्हें दे दो। फिर आरोपियों ने एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। वहां पर उन्होंने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए। इसके बाद आरोपी पदमपुर (राजस्थान) चले गए। चार दिन तक आरोपी वहां रहे। जब आरोपियों को एक करोड़ नहीं मिले तो दोबारा कॉल करके 50 लाख रुपये और फिर 35 लाख रुपये मांगे।
पहले कार मिली और फिर लाश
पुलिस ने बताया कि इसी दौरान मुटनेजा की कार 20 अप्रैल 2019 को गांव खुडंज से गुजरती गंग नहर में मिली। 21 अप्रैल को उनकी लाश गांव बोदीवाला पित्था पुल गंग नहर में मिली। वहीं तरनतारन से भी आरोपियों ने मुटनेजा का मोबाइल सिम कार्ड नए मोबाइल फोन में डालकर उनके परिजनों को कॉल की। इसके बाद वे मलोट और फिर मुक्तसर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने उक्त सभी दोषियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अपहरण व हत्या का केस दर्ज किया था।