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Ludhiana News: आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट ने फंदा लगाकर दी जान

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अमर उजाला ब्यूरो
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पटियाला। आईटीबीपी में डिप्टी कमांडेंट ने फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक की पहचान 46 साल के आयुष दीपक निवासी सेक्टर-33 चंडीगढ़ के तौर पर हुई है। आरोप है कि बिहार के थाना लाल मतिया जिला भागलपुर के प्रभारी से परेशान होकर आयुष दीपक ने यह कदम उठाया है। थाना अर्बन एस्टेट पुलिस ने मामले में मृतक के साले की शिकायत पर आरोपी थाना प्रभारी के खिलाफ केस दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पटियाला में थाना अर्बन एस्टेट से मामले के जांच अधिकारी एएसआई गुरविंदर सिंह ने बताया कि मृतक के साले आकाश जैन निवासी सेक्टर-33 चंडीगढ़ की ओर से पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक उसकी बहन खूशबू जैन आईटीबीपी में बतौर डिप्टी कमांडेंट तैनात आयुष दीपक के साथ ब्याही हुई थी। उनकी पोस्टिंग आईटीबीपी कैंप पटियाला में थी और अपनी ड्यूटी के दौरान वह पटियाला में ही रहते थे। शुक्रवार को खूशबू जैन लगातार अपने पति को फोन कर रही थी लेकिन वह काॅल नहीं उठा रहे थे। खूशबू ने घबरा कर आईटीबीपी के कर्मचारी विकास सिंह को फोन करके अपने पति की ओर से उसकी काॅल न उठाने की बात कही। इसके बाद कर्मचारी विकास सिंह डिप्टी कमांडेंट आयुष दीपक के कमरे पर गया। वहां उसने जब खिड़की से झांक कर देखा तो कमरे में अंदर डिप्टी कमांडेंट की पंखे के साथ लाश लटक रही थी। पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें डिप्टी कमांडेंट ने बिहार के थाना लाल मतिया के प्रभारी राजीव रंजन को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। इस सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने आरोपी थाना प्रभारी के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मृतक की शादी को 10 साल हो गए थे और उनके दो छोटे बच्चे हैं। डिप्टी कमांडेंट के किसी पारिवारिक मेंबर के मामले को लेकर बिहार के थाना प्रभारी की ओर से तंग किया जा रहा था। दरअसल डिप्टी कमांडेंट का परिवार भागलपुर से ही संबंधित रहा है।
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