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इस्सेवाल दुष्कर्म पीडि़ता ने चीफ जस्टिस को लिखा पत्र

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इस्सेवाल सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता ने लुधियाना की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही धीमी सुनवाई के खिलाफ रोष जाहिर करते हुए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को मार्मिक पत्र लिखकर जल्द इंसाफ दिलवाने की मांग की है।
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पत्र में सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रायल कोर्ट को मुकदमा शीघ्र खत्म करने के लिए 12 फरवरी 2021 को दिए गए आदेश लागू करवाने की फरियाद भी की है। पीड़िता का आरोप है कि ट्रायल कोर्ट ने बिना किसी विशेष कारण के मई महीने से जुलाई तक मुकदमे की सुनवाई नहीं की और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन भी नहीं किया। पीड़िता ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को निवेदन किया है कि वह ट्रायल कोर्ट को दिन प्रतिदिन के अनुसार सुनवाई करने और जल्द निपटारा करने के आदेश जारी करें।
गौरतलब है कि मुकदमे के मुख्य आरोपी जगरूप सिंह रुपी को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने डिले इन कम्प्लीशन ऑफ ट्रायल ग्राउंड (मुकदमे की सुनवाई लंबी खिंचने के चलते) पर 22 दिसंबर 2020 को पक्की जमानत दे दी थी। इसके बाद से उसकी, उसके दोस्त और मुख्य गवाह की जान को खतरा बना हुआ है।
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पीड़िता के अनुसार उसके पिता बचपन में चल बसे थे वह अपनी बीमार मां का इकलौता सहारा है। आरोपी और उसके दोस्त व रिश्तेदार उसे लगातार मुकदमा वापस लेने के लिए धमका रहे हैं उसे करोड़ों रुपये का लालच भी दिया गया। लेकिन वह डगमगाई नहीं बल्कि 26 अप्रैल 2019 को लुधियाना के थाना सराभा नगर में और 20 सितंबर 2019 को थाना दाखा में इस संबंध में दो अलग-अलग मुकदमे भी दर्ज करवाए थे। उसका कहना है कि मुख्य आरोपी रुपी के जमानत पर बाहर आ जाने से उनकी जान को खतरा बढ़ गया है। मुकदमे में नामजद अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में 17 जुलाई को सुनवाई होनी है। पीड़िता का कहना है कि उससे पहले ही ट्रायल कोर्ट अपना फैसला सुना दे। अब सिर्फ 7 गवाहों की गवाही बाकी है जिसे दिन प्रतिदिन के अनुसार मुकम्मल किया जा सकता है।
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