निर्मल भेख दोआबा मंडल की तरफ से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्र छाया में और पंज प्यारों के योग्य नेतृत्व में विशाल नगर कीर्तन निकालकर होला मोहल्ला समागमों की आरंभता की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में उमड़ी संगत ने वाहेगुरु का जाप करते हुए बोले सौ निहाल के जयघोष लगाए।
स्थानीय चक्क होलगढ़ स्थित डेरा बाबा दलीप सिंह डुमेली से सुबह 11 बजे शुरू हुआ यह नगर कीर्तन अगंमपुर चौक, मेन सड़क, रेलवे रोड, पांच प्यारा पार्क, गुरुद्वारा किला आनंदगढ़ साहिब, नई आबादी, तख्त श्री केसगढ़ साहिब से होता हुआ डेरा बाबा दलीप सिंह में संपन्न हुआ।
डेरे के मुख्य प्रबंधक संत बाबा प्रीतम सिंह डुमेली ने बताया कि डेरे में होला मोहल्ले के तीनों दिन सुबह व शाम को धार्मिक दीवान सजाए जाएंगे जहां पंथ प्रसिद्ध रागी, ढाडी जत्थों की तरफ से गुरबाणी कीर्तन के द्वारा संगत को गुरु चरणों के साथ जोड़ा जाएगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस पवित्र त्यौहार की शुरुआत के मौके पर तख्त श्री केसगढ़ साहिब में अखंड पाठ साहिब की आरंभता की गई।
नगर कीर्तन में महंत स्वामी ज्ञान देव जी प्रमुख निर्मले संप्रदाय, श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी जोगिन्द्र सिंह वेदांती, संत प्रीतम सिंह डुमेली, महंत गुरबचन सिंह, संत जसविंदर सिंह कोठारी, महंत तेजा सिंह एमए, महंत सुखवंत सिंह नाहलों, संत हरजिंदर सिंह चाहवाला, महंत नरिंदरजीत सिंह, महंत बलबीर सिंह, संत दर्शन सिंह, संत सहजदीप सिंह, संत साहिब सिंह, संत दिलावर सिंह, संत गुरनाम सिंह, संत गुरनाम सिंह डाली, संत हरिकृष्ण सिंह, महंत मक्खण सिंह, बाबा संतोख सिंह, संत शमशेर सिंह, संत जोगिन्द्र सिंह, संत ओंकार सिंह, महंत भगवंत सिंह, संत बलबीर सिंह, संत स्वर्ण सिंह और अरुणजीत सिंह मौजूद रहे।