जगराओं में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (एकता) डकौंदा-बुर्ज गिल के किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसएसपी लुधियाना ग्रामीण के कार्यालय के बाहर धरना दिया। एक युवती को ससुराल से निकालने के मामले में पुलिस कार्रवाई न होने का आरोप लगाया गया। वहीं किसानों ने जालंधर-बरनाला हाईवे पर जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ रोष जताया।
धरने की सूचना मिलते ही डीएसपी सिटी जसविंदर सिंह ढींडसा मौके पर पहुंचे और किसान नेताओं से बातचीत की। इसके बाद कुछ प्रतिनिधियों को एसपी (एच) सरवनजीत सिंह से मिलवाया गया। एसपी ने किसान नेताओं को भरोसा दिया कि मामले में एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की जाएगी।
किसान नेता हरबख्शीश सिंह ने बताया कि उनके साथी अवतार सिंह की बेटी को उसके ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया था। परिवार की ओर से पुलिस को शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। किसान नेताओं ने मांग की कि शादी पर परिवार की ओर से किया गया खर्च वापस करवाया जाए और मामले में आरोपी बताए जा रहे लड़के के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
कनाडा में वर्क परमिट पर गई थी बेटी
पीड़ित युवती के पिता अवतार सिंह ने बताया कि उनकी तीन बेटियां हैं। उनकी एक बेटी वर्ष 2019-20 में वर्क परमिट पर कनाडा गई थी। उन्होंने दावा किया कि कनाडा भेजने पर परिवार ने करीब 35 लाख रुपये खर्च किए थे। वर्ष 2024 में बेटी का रिश्ता तय किया गया। पिता के मुताबिक उस समय बेटी के पास कनाडा की पीआर नहीं थी और इसकी जानकारी लड़के के परिवार को पहले ही दे दी गई थी।
अवतार सिंह के अनुसार, लड़के ने कथित तौर पर उनकी बेटी से कहा कि वह कनाडा से वापस भारत आ जाए, क्योंकि यहां उनके पास किसी चीज की कमी नहीं है। इसके बाद बेटी कनाडा से भारत लौट आई और 4 फरवरी 2026 को उसकी शादी कर दी गई।
शादी के सवा महीने बाद घर से निकालने का आरोप
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि शादी में लड़के के परिवार की ओर से रखी गई मांगों को उन्होंने पूरा किया और बेटी को स्त्रीधन भी दिया। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही उनकी बेटी को कथित तौर पर परेशान किया जाने लगा। परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष के दबाव के चलते पति ने भी युवती को परेशान किया और शादी के करीब सवा महीने बाद उसे घर से निकाल दिया गया।
अवतार सिंह के मुताबिक, उन्होंने कई बार लड़के के परिवार से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते परिवार को किसान संगठन की मदद से धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि बेटी को कनाडा से वापस बुलाकर शादी करने के बाद अब उसका वैवाहिक जीवन टूटने की स्थिति में पहुंच गया है और परिवार को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान भी हुआ है। परिवार ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई और शादी में हुए खर्च की भरपाई करवाने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों की ओर से एक सप्ताह में मामले का निपटारा करने का भरोसा दिए जाने के बाद किसान नेताओं ने धरना समाप्त किया।