एयरफोर्स स्टेशन हलवारा में बनने जा रहे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए शुक्रवार जिला प्रशासन अधूरे दस्तावेजों के साथ जमीन का कब्जा लेने पहुंच गए। नतीजा यह निकला कि दिन भर गांव एतिआणा में हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। यहां तक डीसी प्रदीप अग्रवाल, गलाडा सीएम भूपिंदर सिंह मोबाइल पर कब्जा लेने पहुंचे अधिकारियों से बातचीत करते रहे। आखिरकार शाम को फैसला हुआ कि अब कब्जा मंगलवार को लिया जाएगा। कब्जा लेने से पहले गलाडा सभी किसानों को मुआवजा राशि के चेक देगा।
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का सिलसिला लगभग डेढ़ साल पहले शुरू हुआ था। एयरपोर्ट के लिए गांव एतिआणा की 162 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें 272 किसानों की जमीन आ चुकी है। शुक्रवार सुबह दस बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट कम तहसीलदार मुख्तियार सिंह की अगुवाई में गलाडा, रेवेन्य विभाग के अधिकारी जमीन का कब्जा लेने पहुंच गए। मौके पर कोई विरोध न हो इसलिए तीन थानों की पुलिस को तैनात किया था। किसानों की मदद के लिए विधायक जगतार सिंह मौके पर पहुंच गए। किसानों का सवाल यही था कि आखिरकार उनका मुआवजा कहा हैं। पूरी पंचायत के बीच डीसी प्रदीप अग्रवाल को फोन किया गया। फोन का स्पीकर ऑन रखा गया कि ताकी हर कोई बात सुन सके।
डीसी प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि किसान गलाडा दफ्तर जाकर चेक ले सकते है। तुरंत बाद ही सभी किसानों ने दस्तावेज सहित गलाडा दफ्तर जाने की तैयारी शुरू कर दी, इसी दौरान गलाडा सीए भूपिंदर सिंह का फोन आ गया कि अभी चेक तैयार नहीं है। यह सुनने के बाद किसानों में आक्रोश बढ़ गया। किसानों ने साफ कहा कि अभी तक रेवेन्यू रिकॉर्ड दुरुस्त करने का काम पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में प्रशासन मुआवजा चेक किसके नाम पर जारी करेगा। आखिरकार शाम को फैसला हुआ कि अब कब्जा मंगलवार को लिया जाएगा। उस दिन पहले किसानों को मुआवजे संबंधी सभी चेक जारी किए जाएंगे।
निजी बैंकों को मैनेजर तक पहुंचे
गांव एतिआणा में शुक्रवार विभिन्न निजी बैंकों के अधिकारी पहुंचे हुए थे। उन्हें था कि आज किसानों को मुआवजा राशि के चेक मिलेंगे, ऐसे ें वह किसानों को अपने बैंकों की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताकर पैसा अपने बैंक में जमा करवाएंगे। सुबह से ही बैंक अधिकारी किसानों को अपनी और खींचने का प्रयास करते साफ दिख रहे थे, लेकिन शाम होते उनकी आशाओं पर पानी फिर गया। जब प्रशासन ने मंगलवार को चेक देकर कब्जा लेने की बात कह दी।