फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हलवारा एयरपोर्ट: एतिआणा गांव के 134 किसानों का एलान, किसी भी कीमत पर हम नहीं देंगे जमीन

Fri, 07 Feb 2020 02:19 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा(लुधियाना)
विज्ञापन
किसान अपनी जमीन नही देने का एलान करते हुए - फोटो : LUDHIANA
विज्ञापन
एयरफोर्स स्टेशन हलवारा में बनने जा रहे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का मामला खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। वीरवार को ग्लाडा की तरफ से अधिग्रहण की जाने वाले का अवॉर्ड सुनाने के लिए नोटिस भेजा था। इस नोटिस को किसी ने रिसीव नहीं किया, बल्कि दो फरवरी को सांझे तौर पर डाले गए प्रस्ताव की कॉपी ग्लाडा को भेज दी गई है।
विज्ञापन


इस प्रस्ताव में 134 किसानों ने साइन कर साफ किया कि वह किसी कीमत पर अपनी जमीन एयरपोर्ट के लिए नहीं देंगे। किसानों के इस फैसले के बाद अब अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं वीरवार शाम को गांव एतिआणा में किसानों ने बैठक कर सभी को एकजुट होकर रहने के लिए कहा है।

गौर हो कि केंद्र सरकार ने एयरफोर्स स्टेशन हलवारा को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने का फैसला लिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाने के लिए आसपास लगभग 161 एकड़ एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। जमीन अधिग्रहण करने का जिम्मा पंजाब सरकार का है। जमीन अधिग्रहण को लेकर बीते एक साल से अधिकारियों और किसानों में विवाद चल रहा है।
विज्ञापन


पहले माल विभाग में त्रुटियों को ठीक करने को लेकर किसानों का विवाद चलता रहा, जोकि अभी तक हल नहीं हो सका है। वहीं इसके बाद पुनर्वास राशि को लेकर विवाद शुरू हो गया। इस दौरान पंजाब सरकार की तरफ से किसानों को बताया गया है कि उन्हें 22 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा राशि मिलेगी।

किसानों का साफ कहना है कि उन्हें डेढ़ करोड़ रुपये से कम मुआवजा राशि किसी हालत में मंजूर नहीं है। मुआवजा राशि को लेकर सरकार और किसानों के बीच तनातनी चल रही थी। वीरवार को ग्लाडा की तरफ से अधिग्रहण की जाने वाली जमीन का अवॉर्ड सुनाने के लिए गांव एतिआणा में नोटिस भेजा गया।

इस नोटिस में किसानों को शुक्रवार ग्लाडा दफ्तर आकर मुआवजा राशि लेकर जाने के लिए कहा गया था। यह नोटिस पहले गांव के पहले नंबरदार फिर चौकीदार, सरपंच और पंचों के पास पहुंचा। लेकिन किसी ने भी इस नोटिस को नहीं लिया। बल्कि ग्लाडा को 2 फरवरी 2020 को सभी किसानों की तरफ से डाले गए प्रस्ताव की कॉपी भेज दी है। इसमें साफ कहा गया है कि सरकार की तरफ से तय 22 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा राशि पर वह अपनी जमीन नहीं देंगे।
विज्ञापन

एकजुट होकर करेंगे सरकार का मुकाबला

वीरवार शाम को गांव एतिआणा में प्रभावित किसानों की बैठक रखी गई, इसमें सोहन सिंह कलकत्ता ने साफ कहा कि अभी सरकार के निशाने पर हमारी 161 एकड़ जमीन है, इसके बाद एयरपोर्ट के लिए 250 एकड़ और एयरोसिटी बसाने के लिए 25 सौ एकड़ जमीन का अधिग्रहण भी होना है। अगर हम एकजुट होकर मुकाबला करेंगे, तभी सरकार हमें उचित मुआवजा देगी।

नंबरदार रणवीर सिंह ने कहा कि ग्लाडा ने नोटिस भेज शुक्रवार बैठक के लिए बुलाया था, इसमें सभी किसानों को मुआवजा राशि देनी थी। लेकिन किसी ने भी ग्लाडा का नोटिस नहीं लिया है। अब सरकार धक्केशाही कर जमीन हथियाने का प्रयास करेगी। अगर हम सभी एकजुट होकर लड़ाई लड़ेंगे तो कुछ नहीं होगा। अफसरों की बातों में आकर कुछ टूट गए तो फिर सभी को पता है कि क्या होगा। इसलिए सरकार का मुकाबला करना है तो हम सभी को एकजुट होकर रहना होगा।

जमीन अधिग्रहण मुआवजा को लेकर सरकार ने कई तरह के विकल्प किसानों को दिए थे। इसमें लैंड पूलिंग भी शामिल था। जिसमें एक एकड़ जमीन अधिग्रहण होने पर किसान को एक हजार गज जमीन रिहायशी और दो गज जमीन कॉमर्शियल के लिए होता है। किसानों के आपस में मतभेद हैं। जहां तक कुछ लोग साल 2013 एक्ट का हवाला दे रहे हैं, जिसमें 70 फीसदी जमीन मालिकों की हां जरूरी है। यह प्रोजेक्ट भी किसानों की हां होने के बाद शुरू किया गया था। अगर किसान नहीं मानेंगे तो सरकार उनकी जमीन का अधिग्रहण कर सकती है, मुआवजा राशि को रेफरेंस कोर्ट में जमा करवा दिया जाएगा।
- भूपिंदर सिंह, एसीए ग्लाडा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें