फगवाड़ा। फगवाड़ा के पास स्थित गांव नरूड़ के 22 वर्षीय गुरजोत सिंह का बचपन से ही सपना था कि वह भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करेगा। उनके इस सपने को साकार करने में उनके दादा हरबंस सिंह, पिता गुरदीप सिंह और माता बलजिन्द्र कौर का मार्गदर्शन और आशीर्वाद अहम भूमिका निभाते रहे। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद गुरजोत ने सेना की ट्रेनिंग शुरू की, और अंततः भारतीय सेना की गया (बिहार) एकेडमी में कड़ी मेहनत से प्रशिक्षित होकर लेफ्टिनेंट का कमिशन प्राप्त किया।
गुरजोत सिंह के पिता, गुरदीप सिंह ने बताया कि उनका बेटा हमेशा से ही भारतीय सेना में अधिकारी बनने का संकल्प रखता था। उसकी कठिन मेहनत और समर्पण के परिणामस्वरूप वह इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचा। जब गुरजोत ने मिलिट्री एकेडमी में अधिकारियों की यूनिफॉर्म पहनकर लेफ्टिनेंट के तौर पर कमिशन प्राप्त किया, तो परिवार का गर्व और खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।
लेफ्टिनेंट गुरजोत सिंह को गुजरात के भुज में पहली पोस्टिंग मिली है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया और कहा कि सेना की कठिन ट्रेनिंग के दौरान परिवार का विश्वास ही उनकी असली ताकत था। उनका मानना है कि परिवार ने हमेशा उन्हें अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। गुरजोत सिंह की बहन, सतवीन कौर ने कहा कि उन्हें अपने भाई पर गर्व है और उन्हें यकीन है कि वह भविष्य में और भी उच्च पद हासिल करेंगे। वह न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे, जो सेना में भर्ती होकर देश सेवा की ओर अग्रसर होंगे।