अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने संसद में आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों के मानदेय को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। मीत हेयर ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर बच्चों के पालन-पोषण में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जाता है। उन्होंने संसद में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर को केवल 4500 रुपये और हेल्पर को 2250 रुपये दिए जाते हैं, जो उनकी मेहनत के अनुसार बेहद कम हैं। अतः उनका मानदेय बढ़ाया जाना चाहिए।
इसके साथ ही मीत हेयर ने पंजाब में आई भीषण बाढ़ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण पंजाब को लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है और बुनियादी ढांचा पूरी तरह से नष्ट हो गया है। मीत हेयर ने सरकार से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपये के पैकेज के बावजूद राज्य को यह राशि अब तक प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए यह राशि तत्काल जारी की जानी चाहिए।
सांसद ने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब में अब तक 1.41 करोड़ राशन कार्ड बने हैं जबकि जनसंख्या वृद्धि के कारण गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की संख्या में इजाफा हुआ है। अतः राशन कार्डों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इसके अलावा, मीत हेयर ने खेलो इंडिया योजना के तहत पंजाब के खिलाड़ियों को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जबकि 2024 के पेरिस ओलंपिक खेलों में गुजरात को बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता मिली, वहीं पंजाब के खिलाड़ियों को उचित ध्यान नहीं मिला, जबकि पंजाब के आठ खिलाड़ियों ने हॉकी में पदक जीते हैं।