-विजिलेंस के समन करने और दस्तावेज पेश करने के आदेश को दी चुनौती
-पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर कोर्ट ने 26 सितंबर तक जवाब मांगा
-
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की पत्नी और मजीठा से मौजूदा विधायक गनीव कौर मजीठिया ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली है। उन्होंने 10 अगस्त 2025 को उनके खिलाफ जारी किए गए एक नोटिस को रद्द करने की मांग की है। इस नोटिस में डीएसपी विजिलेंस ने उन्हें समन करते हुए कुछ दस्तावेज पेश करने का आदेश दिया था।
याचिका में कहा गया है कि यह नोटिस उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका के अनुसार वह इस मामले में आरोपी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के कारण उन्हें और उनके पति को लगातार निशाना बना रही है। उनके पति के खिलाफ पहले भी कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। इससे पहले 2024 में भी उनके पति बिक्रम सिंह मजीठिया को इसी तरह का नोटिस मिला था जिसे बाद में राज्य सरकार ने उसे वापस ले लिया था। उनके पति के खिलाफ दर्ज एफआईआर में यह आरोप लगाया गया है कि याची और उसके पति ने अवैध तरीकों से संपत्ति अर्जित की है। याचिका में कहा गया है कि नोटिस जारी करने वाला अधिकारी एक पुलिस स्टेशन का प्रभारी या न्यायालय नहीं है, इसलिए जारी किया गया नोटिस अधिकार क्षेत्र से बाहर है। याची ने अदालत से इस नोटिस को रद्द करने और इसे उनके अधिकारों का उल्लंघन घोषित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने अदालत से यह भी प्रार्थना की है कि जब तक याचिका लंबित है, तब तक उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर 26 सितंबर तक जवाब दायर करने का आदेश दिया है।