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बठिंडा : रामपुरा के गांव जियोंद में जमीनी विवाद में चलीं गोलियां... 13 लोग घायल, दो की हालत गंभीर

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बठिंडा। रामपुरा के गांव जियोंद में लंबे समय से चल रहे जमीन के मालिकाना हक के विवाद में रविवार को काश्तकारों और जमींदारों में खूनी झड़प हुई। इस दौरान हुई गोलीबारी में किसान यूनियन के प्रधान समेत 13 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों में धर्मपाल सिंह, जोगिंदर सिंह, गुरचरन सिंह, जगदीप सिंह, हरबंस सिंह, निंदर सिंह, गुलाब सिंह, वीर सिंह तथा लखवीर सिंह समेत 13 से अधिक लोग शामिल हैं। इनमें वीर सिंह तथा लखवीर सिंह की हालत गंभीर है। सभी को तपा मंडी तथा रामपुरा फूल के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
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घायल मलकीत सिंह ने बताया कि उनका ही गांववासी सुरजीत सिंह जमीन पर कब्जा करने लिए उन्हें परेशान कर रहा था। सुरजीत सिंह ने कुछ दिन पहले जमीन पर खेतीबाड़ी करने की कोशिश की थी। रविवार को सुबह वह पारिवारिक सदस्यों और साथियों के साथ उनकी जमीन पर अवैध निर्माण करने के लिए आया था।
इसका पता चलते ही वह अपने गांव के लोगों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे तो सुरजीत सिंह तथा उसके साथी वहां से खिसक लिए। जब उनका पीछा किया तो उन्होंने गोलियां चलानी शुरू कर दी।
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दूसरे पक्ष के घायल चमकौर सिंह ने बताया कि मलकीत सिंह ने उनकी छह एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है। रविवार को जब वह बिजाई करने वहां पहुंचे तो उन पर हमला किया गया। जांच अधिकारी ने बताया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के चार लोगों को पकड़ा हुआ था। इस संबंध में थाना सदर रामपुरा के इंस्पेक्टर भूपिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है। घायलों के बयान पर कार्रवाई की जाएगी।
सरकार मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है
भाकियू उगराहां के ब्लाक अध्यक्ष सुखदेव सिंह जावंदा ने बताया कि गांव जियोंद में काश्तकारी तथा जमींदारों के बीच लंबे समय से जमीनी विवाद चला आ रहा। एक तरफ यहां के अधिकांश गांवों में पीढ़ी दर पीढ़ी जमीन पर खेती करते आ रहे काश्तकारों को उक्त जमीन पर मालिकाना हक मिल गया। वहीं गांव जियोंद के काश्तकारों को अभी तक उनका हक न मिलने के कारण काश्तकार लंबे समय से संघर्ष करते आ रहे हैं। गांव की तकरीबन सात सौ एकड़ जमीन पर काश्तकारों का कब्जा होने के बावजूद वह जमीन अभी भी जमींदारों के नाम चली आ रही है। सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है, इस कारण गांव में अकसर झगड़े होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि रविवार को सुबह मामले में तनाव बढ़ता देख पुलिस को मामले की सूचना दी गई, इसके बावजूद पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
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