फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत का ट्वीट विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज (भावाधस) के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव राजकुमार साथी ने रनौत के खिलाफ पुलिस कमिश्नर लुधियाना और पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत भेजी है।
हाईकोर्ट के वकील एडवोकेट नरेश गिल और नवराज सिंह के माध्यम से भेजी गई इस शिकायत में राजकुमार साथी ने आरोप लगाया कि कंगना की ओर से अपने ट्विटर हैंडल से 23 अगस्त को एक ट्वीट किया गया। इसमें भारतीय संविधान को जातिवाद को बढ़ावा देने वाला कहा गया है। ट्वीट में कंगना ने कहा कि वैसे तो भारत में जातिवाद खत्म हो चुका है लेकिन भारतीय संविधान के कारण जातिवाद अभी भी जिंदा है और संविधान में दिया गया आरक्षण जातिवाद को बढ़ा रहा है।
शिकायत में कहा गया है कि यह ट्वीट भारत में बसने वाले 70 फीसदी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक से जुड़े लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला है। इससे देश के भीतर उच्च वर्ग व निम्न वर्ग में टकराव की स्थिति बन सकती है।
शिकायत में राजकुमार साथी ने अभिनेत्री पर आईपीसी 1860 की धारा 124-ए, प्रिवेंशन ऑफ इनसल्ट ऑफ नेशनल ऑनर्स एक्ट-1971 की सेक्शन 2 व 3 और एससीएसटी एक्ट-1989 के तहत एफआईआर दर्ज करके कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।