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Ludhiana News: लुधियाना साइकिल उद्योग को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए फिको ने मांगा सहयोग

Sun, 11 Oct 2026 05:17 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
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संवाद न्यूज एजेंसी
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लुधियाना। फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल ऑर्गनाइजेशन (फिको) ने पंजाब के साइकिल उद्योग को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए केंद्र सरकार से नीतिगत सहयोग मांगा है। फिको के अध्यक्ष गुरमीत सिंह कुलार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एमएसएमई निदेशक एमडी सालिक परवेज से मुलाकात की। उन्होंने आठ प्रमुख मांगों वाला मांग-पत्र सौंपा।
कुलार ने बताया कि लुधियाना देश के प्रमुख साइकिल निर्माण केंद्रों में से एक है। यहां हजारों सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयां साइकिल और उनके पुर्जे बनाती हैं। यह औद्योगिक तंत्र रोजगार और पंजाब की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष केके सेठ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव जैन, संयुक्त सचिव हरपाल सिंह भाम्बर, आयोजन सचिव अशप्रीत सिंह साहनी और साइकिल डिवीजन प्रमुख अवतार सिंह भोगल शामिल थे। फिको ने साइकिल निर्माण में कच्चे माल पर 18 फीसदी जीएसटी और तैयार साइकिलों पर पांच फीसदी जीएसटी की विसंगति दूर करने की मांग की। संगठन ने इनपुट दरों को पांच फीसदी तक तर्कसंगत करने का आग्रह किया। इससे उद्योग की कार्यशील पूंजी फंस जाती है। फिको ने साइकिल उद्योग के लिए टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन फंड (टफ) योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इसके तहत पात्र इकाइयों को 40 करोड़ रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
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सीएलसीएसएस दोबारा शुरू करने की मांग
साइकिल पुर्जे बनाने वाली एमएसएमई इकाइयों के लिए विशेष उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना (सीएलसीएसएस) दोबारा शुरू करने की मांग की गई। सीएलसीएसएस में 25 फीसदी पूंजी सब्सिडी और पांच करोड़ रुपये तक की पात्र निवेश सीमा शामिल है। फिको ने गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को उद्योग, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) और एमएसएमई संगठनों के परामर्श से तय करने की मांग की। लुधियाना स्थित साइकिल एवं सिलाई मशीन अनुसंधान एवं विकास केंद्र को आधुनिक बनाने, उन्नत परीक्षण प्रयोगशालाएं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणन सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव भी दिया गया। अंतरराष्ट्रीय सहयोग योजना के तहत उद्यमियों को विदेशों में प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए वित्तीय सहायता देने का आग्रह किया गया।
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