जानकारी के अनुसार संगरूर के सर्वहितकारी विद्या मंदिर में भाजपा की तरफ से बुधवार को वर्चुअल रैली रखी गई थी। इसका नेतृत्व भाजपा के जिलाध्यक्ष रणदीप दयोल, सरजीवन जिंदल और प्रांतीय नेता जतिंदर कालड़ा ने किया।
बैठक में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को भाजपा नेताओं और पत्रकारों से कृषि कानूनों पर चर्चा करनी थी। भाजपा नेताओं ने कई किसानों को भी कार्यक्रम में बुलाया था।
कार्यक्रम शुरू हुए अभी आधा घंटा ही हुआ था कि किसान संगठनों को इसकी भनक लग गई। बड़ी तादाद में नौजवान, बुजुर्ग किसान, महिलाओं और बच्चों ने हाथों में लाठी लेकर भाजपा के कार्यक्रम स्थल की तरफ कूच कर दिया।
सड़क के दोनों तरफ लगे बैरीकेड तोड़कर किसान आगे बढ़ गए। प्रदर्शनकारी भाजपा नेताओं से कुछ दूरी पर थे कि पुलिस ने मानव श्रंखला बनाकर उन्हें रोक लिया। गुस्साए प्रदर्शनकारी भाजपा नेताओं से बात करना चाहते थे लेकिन पुलिस के बीच में आने से धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसमें कुछ किसान चोटिल हो गए। प्रदर्शनकारी भाजपा का कार्यक्रम तुरंत रद्द करने की मांग कर रहे थे।
सूचना मिलते ही एसएसपी विवेकशील सोनी मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बात की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना शुरू कर दिया। किसान नेता रण सिंह चट्ठा और नौजवान भारत सभा के भूपिंदर सिंह लौंगोवाल ने कहा कि भाजपा किसानों को गुमराह कर रही है। जब तक कृषि कानून रद्द नहीं किए जाते, तब तक भाजपा नेताओं और उनके कार्यक्रमों का विरोध किया जाएगा।