सांसद रवनीत बिट्टू। (फाइल फोटो)
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बीते कुछ दिन से सांसद रवनीत बिट्टू लगातार दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसान नेताओं को निशाना बना रहे हैं। सोमवार को किसान नेता बलवीर सिंह राजेवाल के बयान ने उन्हें ऐसा मौका दिया। उन्होंने फेसबुक पर लाइव होकर राजेवाल का नाम लिए बिना सीधा हमला बोला कि दिल्ली वालों ने लीडर साहब को सीएम बनने का सपना दिखा दिया, इसलिए वह उनकी भाषा बोल गए।
आज उनका भाषण लग रहा था कि दिल्ली से बना हुआ था। बता दें कि सांसद बिट्टू ने रविवार को कहा था कि इतनी सर्द रातों में किसान नेता तो होटल के कमरों में मौज ले रहे हैं, जबकि असली काम करने वाले युवा किसान सड़कों पर ठिठुर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बड़े किसान नेता ने हम पर एक साथ तीन हमले किए हैं। पहला उन्होंने ट्रैक्टरों और झंडों से निशान साहिब को हटाने की बात कहकर धर्म पर चोट की, दूसरा निहंग सिंहों की छावनी कहीं अन्य स्थान पर ले जाने और किसान आंदोलन से डीजे और गायकों को हटाने की बात कही।
उन्हें मालूम होना चाहिए कि इस समय बॉर्डर पर पंजाब बस चुका है। जहां पंजाबी होगा वहां पर सभ्याचार तो अपने आप आ जाएगा। इस समय विदेश में निशान साहिब लगे हैं, तो यहां पर लगाने से क्या आपत्ति है। इस बयान पर उन्हें काफी धक्का लगा है। जो किसान नेता थोड़ा कमजोर पड़ रहे हैं, उनके साथ चार पांच तगड़े लोगों को लगाना होगा, ताकि उनमें हिम्मत बनी रहे।
उनकी इस गलत बात से अन्य किसान नेताओं को अपनी बात कहने में मुश्किल आ रही है। बिट्टू ने कहा कि किसान नेता जिन निहंग छावनी को हटाने की बात कह रहे हैं, एक बात याद रखें उनके कारण ही ये लोग स्टेज पर बैठे हैं, अन्यथा सरकार कब उन्हें उठा ले जाती। मुझे उम्मीद है कि वह अपनी बात के लिए माफी मांगेंगे। युवा किसानों को इस तरह के बयान से घबराने की जरूरत नहीं है।