शराब ठेकेदार के कारिंदों के हमले में घायल पर्यावरण प्रेमी नौजवान ने रविवार की देर शाम दम तोड़ दिया। इससे भड़के परिजनों और गांव निवासियों ने सोमवार सुबह थाना रायकोट सिटी के बाहर धरना लगा दिया है। पीड़ित पक्ष का साफ कहना है कि शराब ठेकेदार सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज होने पर शव का अंतिम संस्कार करेंगे। सुबह नौ बजे से चल रहे धरने के बाद शाम करीब पांच बजे पुलिस ने मृतक के पिता लक्ष्मण सिंह की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। इसके बाद धरना उठा लिया गया।
गांव कलसियां निवासी दर्शन कौर के अनुसार उसका बेटा जसवीर सिंह (30) पर्यावरण प्रेमी था। वह बीते कई वर्षों से नीम के पौधे लगाकर उनकी देखभाल करता था। अभी तक वह पांच हजार से ज्यादा नीम के पौधे लगा चुका है। बीती 30 सितंबर को वह बाइक पर पौधे लगाने के लिए निकला था। शाम के समय वह रायकोट के हरि सिंह नलुआ चौक पर पौधे लगा रहा था। वहां शराब ठेके पर तैनात कारिंदों ने उसे पौधे लगाने से मना कर दिया। इस पर विवाद हो गया। गुस्साएं शराब ठेकेदार के कारिंदों और अहाते पर काम करने वाले मुलाजिमों ने जसवीर सिंह पर हमला कर दिया। वह अपनी जान बचाने के लिए बाइक छोड़ कर भागा, उसे दोबारा गूगा माडी मंदिर के पास घेर लिया गया।
यहां दोबारा लोहे की छड़ों से हमला कर उसे घायल कर दिया गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल जसवीर सिंह को रायकोट के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने के चलते उसे सिविल अस्पताल लुधियाना रेफर कर दिया गया। सिविल अस्पताल लुधियाना से उसे पीजीआई चंडीगढ़ भेज दिया गया। सिर पर गहरी चोट होने की कारण वह अपनी याददाश्त खो चुका था। 8 अक्तूबर को पीजीआई ने छुट्टी देकर घर भेज दिया।
मृतका की मां दर्शन कौर के अनुसार अगर जसवीर ज्यादा जोर से बोलता था तो उसके कानों से खून बहने लगता था। रविवार को भी उसके कानों से खून बहने लगा था, वह उसे लेकर निजी अस्पताल पहुंची। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। दर्शन कौर का साफ कहना है कि पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। शराब ठेकेदार और सियासी दबाव के चलते मामले को दबाया गया है। वह अपने बेटे का अंतिम संस्कार उस समय तक नहीं करेंगी, जब तक शराब ठेकेदार सहित सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी।
क्या कहते हैं डीएसपी रायकोट
डीएसपी सुखनाज सिंह ने बताया थाना रायकोट पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। इसमें रायकोट निवासी बलविंदर सिंह, मनोज कुमार, भैणी वड़िंग निवासी सुखदेव सिंह, यूपी निवासी अनमोल सिंह व ठेके का मैनेजर शामिल हैं। घटना वाले दिन ठेके के अंदर मैनेजर बैठा था। उन्होंने बताया पुलिस एक अक्तूबर को पीजीआई गई थी। वहां डॉक्टरों ने जसवीर सिंह बयान देने के काबिल नहीं बताया था। पांच अक्तूबर को भी पीजीआई डॉक्टर्स ने अनफिट बताया था। आठ अक्तूबर को पुलिस घर पहुंची तो मृतक की मां ने कहा कि उसकी याददाश्त ठीक नहीं है, इसलिए पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया था।