कनाडा के कैलगरी में फिरौती, धमकी और गोलीबारी के एक हाई-प्रोफाइल मामले ने पंजाबी समुदाय के बीच चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने इस मामले में पंजाबी मूल की 29 वर्षीय कनुप्रीत कौर को गिरफ्तार किया था, फिलहाल उसे रिहा कर दिया गया है।
उसे छह अक्तूबर को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है। पुलिस का आरोप है कि कनुप्रीत ने पीड़ित महिला की निजी और गोपनीय जानकारी उस गैंगस्टर तक पहुंचाई, जिसने बाद में महिला को धमकाने और उसके घर पर गोलीबारी करने की वारदात को अंजाम दिया।
कैलगरी पुलिस के मुताबिक इस मामले में एक नाबालिग समेत तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस को अब कैलगरी निवासी तनवीर सिंह की तलाश है। उसके खिलाफ पांच हजार कनाडाई डॉलर से अधिक मूल्य की चोरी की गाड़ी रखने के आरोप में वारंट जारी किया गया है। पुलिस का कहना है कि इसी वाहन का इस्तेमाल गोलीबारी की घटना के दौरान किया गया था।
पहले आया धमकी भरा संदेश, 12 घंटे बाद गोलियां
कनाडा पील पुलिस के अनुसार, पूरे मामले की शुरुआत 25 मार्च को हुई। उस दिन पीड़ित महिला के वॉट्सऐप पर एक अज्ञात नंबर से धमकी भरे संदेश और आवाज संदेश भेजे गए। महिला से बड़ी रकम की मांग की गई थी। हालांकि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कितनी रकम मांगी गई थी।
जांच में सामने आया कि धमकी देने वालों के पास पीड़ित महिला के नाम, घर के पते, कारोबार और परिवार से जुड़ी निजी जानकारी पहले से मौजूद थी। आरोप है कि इसी जानकारी ने अपराधियों को महिला और उसके परिवार को निशाना बनाने में मदद की।
धमकी मिलने के करीब 12 घंटे बाद बदमाशों ने महिला के घर पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। इसके बाद आरोपी वाहन में सवार होकर फरार हो गए। गनीमत रही कि गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ। घटना ने पुलिस को भी सक्रिय कर दिया और इसके बाद मामले की जांच में निगरानी कैमरों के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों की मदद ली गई।
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के निगरानी कैमरों और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला। इन्हीं के आधार पर वारदात में इस्तेमाल संदिग्ध वाहन और उससे जुड़े लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने 17 वर्षीय एक नाबालिग को गिरफ्तार किया। उस पर पीड़ित महिला और धमकी देने वालों के बीच बातचीत कराने तथा फिरौती से जुड़े अपराध में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया। हालांकि बाद में उसे भी रिहा कर दिया गया।
कनुप्रीत पर निजी जानकारी उपलब्ध कराने का आरोप
मामले में चेस्टरमीयर निवासी कनुप्रीत कौर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का आरोप है कि उसने पीड़ित महिला की निजी जानकारी अन्य संदिग्धों तक पहुंचाई। पुलिस के मुताबिक इस जानकारी के आधार पर अपराधियों को पीड़ित महिला और उसके परिवार को डराने-धमकाने में मदद मिली।
हालांकि अब कनुप्रीत को रिहा कर दिया गया है। अब उसे छह अक्तूबर को अदालत में पेश होना है। पुलिस की जांच में उसकी कथित भूमिका और अन्य आरोपियों से उसके संबंधों की पड़ताल की जा रही है।
चार महीने में रंगदारी के 51 मामले
कैलगरी पुलिस के आंकड़े इस पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बनाते हैं। पुलिस के अनुसार अप्रैल 2025 से अब तक शहर में रंगदारी और फिरौती से जुड़े 51 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 19 मामले सीधे तौर पर गोलीबारी से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस अब तक इन मामलों में पंजाब से संबंधित 19 आरोपियों के खिलाफ 59 अलग-अलग आरोप लगा चुकी है।
लगातार सामने आ रहे ये मामले कैलगरी में रह रहे कारोबारियों और प्रवासी समुदायों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर रहे हैं। खासतौर पर धमकी, फिरौती और गोलीबारी के मामलों में जिस तरह निजी जानकारी और चोरी के वाहनों का इस्तेमाल हो रहा है, उससे पुलिस के सामने भी चुनौती बढ़ रही है।