संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। फोकल पॉइंट के फेज़-7 में कमजोर और पुराना इन्फ्रास्ट्रक्चर उद्यमियों के लिए गंभीर सिरदर्द बनता जा रहा है। खासकर औद्योगिक इकाइयों के सामने बिछी पुरानी सीवर पाइप लाइनें बड़ी समस्या के रूप में सामने आ रही हैं। कई इलाकों में करीब 35 से 40 वर्ष पहले उस समय की जरूरत के अनुसार कम व्यास की सीवर लाइनें डाली गई थीं, जो मौजूदा औद्योगिक गतिविधियों का भार उठाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं। नतीजतन आए दिन सीवर जाम की स्थिति बनती है और बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं।
उद्यमियों का कहना है कि बारिश के दौरान सीवर का गंदा पानी फैक्ट्रियों में घुस जाता है, जिससे कच्चा माल, तैयार माल, मशीनरी और भवनों को भारी नुकसान होता है। इससे उद्योगपतियों को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और उत्पादन भी बाधित होता है।
इस समस्या को लेकर इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान राम लुभाया के नेतृत्व में उद्यमियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के उद्योग एवं स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उद्योग जगत से जुड़ी अन्य समस्याओं के साथ फोकल प्वाइंट के कमजोर इन्फ्रास्ट्रक्चर का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने दिया आश्वासन
मंत्री संजीव अरोड़ा ने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि फोकल प्वाइंट में आ रही दिक्कतों के समाधान के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है और समस्याओं का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उद्योगपतियों की मांग है कि पुरानी और कम क्षमता वाली सीवर पाइप लाइनों को तत्काल हटाकर बड़ी क्षमता की नई लाइनें डाली जाएं। साथ ही सड़कें, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी मजबूत की जाएं। उनका कहना है कि फोकल प्वाइंट से रोजाना करोड़ों रुपये का कारोबार होता है लेकिन कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर इसकी ग्रोथ में बड़ी बाधा बना हुआ है।