मोगा में वीरवार को एसएसए (रमसा) नान टीचिंग इंप्लाइज यूनियन पंजाब का प्रदेश स्तरीय धरना पुलिस ने विफल कर दिया।
पंजाब भर से धरना देने आए हड़ताली मुलाजिमों को जबरन वाहनों में डाल कर थानों में ले गए। सैकड़ों मुलाजिम मोगा-लुधियाना रोड पर धरना देने पहुंचे थे। पुलिस प्रदर्शनकारियों के बैनर और दरियां उठाकर ले गई।
यूनियन के प्रदेश प्रधान तलविंदर सिंह वडिंग ने बताया कि वे पिछले दस दिन से अपनी मांगों को लेकर कमल छोड़ हड़ताल पर हैं। सरकार लगातार झूठे आश्वासन देकर उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।
उन्होंने पंजाब सरकार की मुलाजिम विरोधी नीतियों का जमकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे थे।
पुलिस की ओर से उनके साथ की गई धक्केशाही के विरोध में राज्य स्तर पर पुतले फूंके जाएंगे। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से धरना देने के बावजूद पुलिस ने उनको जबरन वहां से उठाकर गाड़ियों में डाल दिया।
उनके बैनर, दरियां व पानी के डिब्बे उठाकर ले गए। वडिंग का कहना है कि पिछले लंबे समय से पंजाब सरकार का शिक्षा विभाग, डीजीएसई कार्यालय एवं वित्त विभाग उनको एसएसए एवं रमसा के अध्यापकों की तरह स्केल देने की बजाय टालमटोल की नीति अपना रहे हैं।
सरकार और विभाग अपने हिस्से की राशि का पांच करोड़ रुपये देने से मुकर गए हैं। इसका सारे मुलाजिमों और उनके परिवारों में भारी रोष है।
प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी देने के बाद मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर यूनियन के राज्य के वाइस प्रधान गुरमीत सिंह, राज्य महासचिव आशीष, सचिव सर्बजीत सिंह, होशियारपुर से बलवंत सिंह, लोकेश शर्मा, शालिनी, राजविंदर कौर, रेनू, अमनदीप कौर, एलए हरविंदर सिंह के अलावा राज्य भर से सैकड़ों मुलाजिम धरने पर मौजूद थे।