स्थानीय सर्किट हाउस में समानता मिशन और बेलन ब्रिगेड की तरफ से एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें निजी स्कूलों द्वारा बच्चों की पढ़ाई के नाम पर किए जा रहे आर्थिक शोषण पर शहर की विभिन्न संस्थाओं और विचारकों ने हिस्सा लिया। संस्थाओं ने निर्णय लिया कि अगर सरकार और निजी स्कूलों की ओर से इस लूट को बंद नहीं किया गया तो वह इसे चुनावी मुद्दा बनाएंगे और घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे।
बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता शर्मा ने कहा कि हमारे देश में कानून नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। शराब, ड्रग माफिया और भू माफिया के अलावा स्कूल माफिया ने भी लोगों को बर्बाद करना शुरू कर दिया है। इससे जाहिर होता है कि सरकार की शिक्षा क्षेत्र में कोई भी नीति स्पष्ट नहीं है। स्कूलों के इंचार्ज रि-एडमिशन, डेवलपमेंट फंड, एनुअल फीस चार्ज, महंगी यूनिफॉर्म और किताबों के नाम पर हर साल लाखों रुपया बच्चों के पेरेंट्स से ऐंठ रहे हैं।
समानता मिशन के प्रधान कुंवर रंजन सिंह ने कहा कि राइट टू एजुकेशन एक्ट के अनुसार सीबीएसई स्कूल को आर्थिक तौर पर पिछड़े गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा का प्रावधान है। शिक्षा माफिया न लाभ न हानि की नीति पर संस्था के नाम पर स्कूल बनाकर दोनों हाथों से अच्छी शिक्षा के नाम पर लोगों को लूट रहा है। इंसाफ प्राप्ति मंच के तरसेम जोधा ने कहा कि शिक्षा ही देश को तरक्की की तरफ लेकर जाती है। सरकार की छत्रछाया में आज शिक्षा माफिया लोगों को लूट रहा है तो इसमें कानून और सरकार का दोष है जिसने शिक्षा का व्यापारीकरण करवा दिया है।
इस अवसर पर अमनदीप सिंह बाज, श्रीपाल शर्मा, जगजीत सिंह बराड़, जसवंत सिंह गिरक, प्रो. संतोख सिंह, संजना पाल, बालकिशन वर्मा, राम प्रकाश कपूर, परमिंदर सिंह, सिमरतपाल सिंह, रमेश रतन भारद्वाज, सुशील मल्होत्रा, प्रो. मलेरी और बलबीर अग्रवाल मौजूद रहे।