जगरांव के फाइनांसर की डाक्टर पत्नी ने बेटे-बेटी और पति को जहरीला पदार्थ देकर खुद फंदा लगाकर जान दे दी। चारों के शव कोठी के बेडरूम में मिले। इनमें मासूम बच्चों के शव बेड, फाइनांसर का शव बेडरूम के फर्श और बीएएमएस डाक्टर का शव पंखे से लटकता मिला।
मृतक महिला ने लिखे सुसाइड नोट में ससुराल परिवार को दोषी ठहराया। इस घटना का बड़ा कारण पारिवारिक क्लेश बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह जगरांव पुलिस को पंजाब पुलिस की हेल्पलाइन 181 से सूचना मिली कि शक्ति नगर की एक कोठी में रहते फाइनांसर की पत्नी के मायके से फोन आया है कि वे परिवार समेत जान देने जा रहे हैं।
इस पर थाना सिटी के एसएचओ मोहम्मद जमील की अगुवाई में पुलिस पार्टी कोठी पहुंची। बार-बार डोर बेल बजाने पर भी जब किसी ने दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस ने कोठी की दीवार फांद कर बेडरूम का दरवाजा खोला। दर्दनाक भयानक मंजर देखने को मिला।
बेडरूम में फाइनांसर गुरप्रीत सिंह उर्फ चोंजी (42) निवासी शक्ति नगर का शव जमीन पर पड़ा थीा। उनकी डाक्टर पत्नी परमिंदर कौर उर्फ रूपिंदर का शव पंखे से लटक रहा था। पुत्री इश्मीत कौर (13) और पुत्र जश्नवीर सिंह (8) के शव बेड पर पड़े थे।
ससुराल और आर्थिक तंगी कारण बताए
मौके पर एसपी (एच) मनोहर लाल, एसपी (डी) जसदेव सिंह सिद्धू, एसएचओ मोहम्मद जमील की अगुवाई में टीम जांच में जुट गई। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। कोठी में मृतका डाक्टर का लिखा सुसाइड नोट भी पुलिस को मिला।
उसने पति और बच्चों की मौत के लिए कु छ समय पहले ही कनाडा से आए सास-ससुर, जगरांव में रह रहे मामा ससुर, अमेरिका और मुक्तसर में रहने वाली ननदों को दोषी ठहराया। सुसाइड नोट में पति को भी जिम्मेदार बताया है और आर्थिक तंगी का हवाला दिया।
मामले में दर्ज किए दो मुकदमे
एसएसपी आशीष चौधरी ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए हैं। एक मृतका डाक्टर पर और दूसरा कोठी में मिले सुसाइड नोट के आधार पर। एसएसपी ने कहा कि इस मामले की असलियत जांच में सामने आ जाएगी, लेकिन यह सच है कि मासूम बच्चों की हत्या की गई है। फाइनांसर ने खुद सुसाइड किया या उसे भी मारा, इस बारे भी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। डाक्टरनी ने तो सुसाइड करना नोट में कबूला ही है।