गुस्साए बिजली कर्मचारियों ने थाने की बिजली ही काट दी। काफी समय तक बिजली न आने पर जब पुलिस मुलाजिमों को पता चला कि थाने की बिजली कर्मचारियों ने काटी है तो उन्होंने अधिकारियों को सूचना दी। शनिवार को फिर बिजली कर्मचारी दफ्तर के बाहर ही धरने पर बैठ गए। एसीपी वरियाम सिंह और थाना प्रभारी फिर से दफ्तर के बाहर पहुंचे तो उन्होंने माफी मांग अपनी जान छुड़वाई। तब जाकर शनिवार की दोपहर तीन बजे के बाद लाइट शुरु की।
बिजली बिल के चार लाख का भुगतान बकाया
पावरकॉम के जेई के साथ थाना कोतवाली पुलिस को पंगा लेना इतना भारी पड़ गया कि गुस्साए बिजली वालों ने पहले तो थाने की लाइट काट दी। उसके बाद थाने का बिजली बिल पूरा बकाया निकाल दिया। बिजली कर्मचारियों के अनुसार थाना कोतवाली का चार लाख रुपये के करीब बिजली बिल पेेंडिंग है। एक तो मुलाजिम गुस्साए हुए थे और ऊपर से पैंडिंग बिल के कारण भी बिजली काटी गई है। अब अधिकारियों के कहे पर बिजली शुरू की गई है।
कुछ नहीं हुआ था, मामला सुलझ गया: थाना प्रभारी
थाना कोतवाली के एसएचओ इंस्पेक्टर राजवंत सिंह ने इस मामले में कुछ भी बताने से संकोच किया। उन्होंने कहा कि बिजली मुलाजिमों के साथ कुछ नहीं हुआ था। न ही कोई बिजली काटी गई थी। जो था, वह सब सुलझ गया है।