गैंगरेप मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठी कांग्रेस की पूर्व जिला प्रधान की अगवाई में जत्थेबंदियों ने मंगलवार को एसएसपी जगरांव के दफ्तर के आगे पुतला फूंक कर प्रदर्शन किया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शहर में रोष मार्च निकाल कर जगरांव पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
आठ वर्ष पहले बेटी के कत्ल केस में गिरफ्तार उस समय की जिला महिला कांग्रेस की प्रधान ने उसी समय के एसएचओ और चौंकी इंचार्ज के खिलाफ गैंगरेप करने का आरोप लगाया था।
इस मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर पूर्व प्रधान पिछले कई दिनों से एसडीएम दफ्तर के आगे धरने पर बैठी है। मंगलवार को दुराचार विरोधी फ्रंट सहित कई जत्थेबंदियों की अगवाई में पहले एसडीएम दफ्तर के आगे रोष रैली निकाली गई और फिर जगरांव पुलिस का पुतला उठा कर रोष मार्च की शकल में एसएसपी दफ्तर के आगे पहुंच कर जगरांव तहसील रोड पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात थी।
प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर लेट कर जोरदार प्रदर्शन किया।
धरने के दौरान फ्रंट के राज्य प्रधान राज सिंह टोडरवाल, डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के शंकर सिंह सहोता, राज सिंह अटवाल, दविंदर सिंह और लोक जनशक्ति पार्टी के निर्मल सिंह राजोआणा ने कहा कि पुलिस 2005 से आरोपी पुलिस अधिकारियों को बचाती आ रही है और अब समय आ चुका है पुलिस की मनमर्जी का जवाब दिया जाए।
उन्होंने कहा कि पीड़ित को इंसाफ दिलाने के लिए अगला एक्शन बेहद गंभीर होगा। उन्होंने एसएसपी जगरांव के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस लोक तंत्र की धज्जियां उड़ा रही है। इस मामले में पीड़िता को इंसाफ देने की जगह उसकी सुनवाई न कर संघर्ष को तेज करने के लिए उकसा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित को इंसाफ दिलाने के लिए 23 फरवरी को लुधियाना फिरोजपुर मुख्य मार्ग पर चक्का जाम किया जाएगा। यदि फिर भी मुलाजिमों पर कार्रवाई न की गई, तो जीटी रोड पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
पुलिस ने सब किया कैमरे में कैद
जगरांव पुलिस के खिलाफ एसएसपी दफ्तर के आगे नारेबाजी कर पुतला फूंकने वाले मामले की पुलिस ने वीडियोग्राफी की। पूरे समारोह के दौरान एसएसपी दफ्तर के आगे एसएसपी सहित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करने और भाषण देने वाले नेताओं को कैमरे में कैद किया।