पंजाब में आतंकवाद के दौरान जिले के गांव चुघे कलां के एक युवक परमजीत सिंह को फर्जी एनकाउंटर में मारने के आरोप में बठिंडा जेल में अपने साथी पुलिस कर्मियों के साथ सजा काट रहे होमगार्ड के सिपाही जसवीर सिंह की हैपेटाइटिस सी से मौत हो गई। उसका चंडीगढ स्थित पीजीआई से उपचार चल रहा था ।
थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि उक्त सिपाही को आतंकवाद के दौरान एनकाउंटर मामले में तीन वर्ष पहले उम्र कैद की सजा हुई थी। वह तीन साल से अपने सात अन्य साथियों समेत बठिंडा की जेल में बंद था। शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
गौरतलब है कि आतंकवाद के दौरान होमगार्ड के सिपाही जसवीर सिंह ने पंजाब पुलिस के एक इंस्पेक्टर बलजिंदर कुमार व छह अन्य पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर शहर के बीबी वाला चौक से गांव चुघे कलां निवासी चुवक परमजीत सिंह को उठाकर एनकाउंटर कर दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेशों के बाद जिला सेशन जज ने इस मामले की जांच की थी। इसमें सभी आरोप सही पाए गए थे। अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी।