एसजीपीसी और शिअद के प्रधान रह चुके लौह पुरुष की उपाधि से विभूषित मरहूम जत्थेदार जगदेव सिंह तलवंडी की पत्नी माता मोहिंदर कौर का 91 वर्ष की आयु में देहांत हो गया। पिछले लंबे समय से बीमार चल रही माता मोहिंदर कौर ने वीरवार सुबह चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में अंतिम सांस ली।
शुक्रवार 30 जुलाई को रायकोट के गांव तलवंडी राय में दोपहर 3 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वर्ष 2014 में जत्थेदार जगदेव सिंह तलवंडी की मौत के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पंथ और पंजाब के प्रति तलवंडी परिवार की निष्ठा को देखते हुए माता मोहिंदर कौर को उम्र भर के लिए कैबिनेट मंत्री का रैंक प्रदान किया था। माता मोहिंदर कौर ने पंजाबी राज्य के लिए मोर्चे के संघर्ष में अमृतसर और फिरोजपुर की जेल काटी थी। उस समय उनकी बड़ी बेटी हरजीत कौर सिर्फ 6 महीने की थी और पति जत्थेदार जगदेव सिंह तलवंडी भी इसी संघर्ष में जेल काट रहे थे। इमरजेंसी के दौरान माता मोहिंदर कौर कई माह जेल में रहीं। पंजाब की राजनीति में अहम जगह रखने वाले तलवंडी परिवार की माता मोहिंदर कौर अपने पीछे दो बेटे पूर्व विधायक जत्थेदार रंजीत सिंह तलवंडी, एसजीपीसी के एग्जीक्यूटिव सदस्य जत्थेदार जगजीत सिंह तलवंडी, दो बेटी जिनमें अकाली दल यूनाइटेड महिला विंग की प्रधान बीबी हरजीत कौर और मनजीत कौर को छोड़ गईं हैं।
बीबी जागीर कौर ने बीबी महिंदर कौर की मौत पर दुख व्यक्त किया
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। एसजीपीसी प्रधान बीबी जागीर कौर ने शिरोमणि कमेटी के पूर्व प्रधान जगदेव सिंह तलवंडी की धर्मपत्नी बीबी महिंदर कौर की मौत पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सिख सियासत के गवाह रही बीबी महिंदर कौर की मौत पंथक हलकों में एक बड़ी कमी है, जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता।
उन्होंने जत्थेदार के बेटे एसजीपीसी के सदस्य जगजीत सिंह तलवंडी, पूर्व विधायक रणजीत सिंह तलवंडी और जत्थेदार तलवंडी की बेटियों बीबी हरजीत कौर और बीबी मनजीत कौर के साथ दुख साझा करते हुए अकाल पुरख के सामने उनकी आत्मा को चरणों में स्थान देने की अरदास की।