छह फरवरी को भाखड़ा नहर सरहिंद के किनारे अपना मोटरसाइकिल खड़ा कर हेल्पलाइन नंबर 181 पर आत्महत्या की सूचना देने वाले रणजीत सिंह को फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने जगरांव की पशुमंडी से काबू कर लिया। गांव खानपुर निवासी रणजीत सिंह राणा बुधवार को जगरांव पशु मंडी में अपने किसी रिश्तेदार का घोड़ा बेचने आया था।
डीएसपी गुरदीप सिंह गौसल ने बताया कि रणजीत सिंह ने आत्महत्या का ड्रामा रचने से पहले छह फरवरी सुुबह पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके ब्लॉक समिति सरहिंद के सदस्य गुरबख्श सिंह पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए थे। गुरबख्श सिंह ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों को हटाने के लिए अपने स्तर पर जांच की।
उसे पता चला कि रणजीत सिंह राणा अपने रिश्तेदार का घोड़ा बेचने के लिए एक मार्च को जगरांव पशु मंडी आ रहा है। उसने यह सूचना पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने जगरांव पशु मंडी से रणजीत सिंह राणा को काबू कर लिया। डीएसपी ने बताया कि प्राथमिक जांच से पता चला है कि रणजीत सिंह जीरा के नजदीक पड़ते गांव सोढ़ीवाला में अपने किसी रिश्तेदार के घर रहता था।
छह फरवरी को लापता हुए रणजीत सिंह के भाई सुरेंद्र मोहन, जसवीर सिंह और उसकी पत्नी ने ब्लॉक समिति सदस्य गुरबख्श सिंह को रणजीत सिंह की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने गुरबख्श सिंह पर रणजीत सिंह के लाखों रुपये के जमीनी सौदे हड़प करने के संगीन आरोप भी लगाए थे। मामले की जांच कर रहे एएसआई अवतार सिंह ने बताया कि आरोपी रणजीत सिंह पर धारा-309, 419, 420 के तहत मामला दर्ज करके अदालत में पेश किया गया जहां से उसे नाभा जेल भेज दिया गया।