दुराचार मामले में फंसाने की धमकी देकर पंचकूला के एक ठेकेदार से लाखों रुपये ऐंठने वाले तीन लोगों को थाना सराभा नगर की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस गिरोह में थाना सराभा नगर का ही एक पुलिस मुलाजिम भी शामिल है। उसने पुलिसिया रौब दिखाने का एक लाख रुपये लिया था। इस गिरोह के दो सदस्य अभी फरार हैं। आरोपियों के कब्जे से पांच लाख रुपये की नकदी और ठेकेदार से लिया गया सात लाख रुपये का चेक बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में महिला, पुलिस कांस्टेबल हरविंदर सिंह और सरपंच गुरचरण सिंह उर्फ गोगी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि महिला का पति करणजीत सिंह और लवली फरार हैं।
डीसीपी डॉ. नरेंद्र भार्गव ने कहा कि ठेकेदार राकेश अग्रवाल, पंचकूला सेक्टर 20 का रहने वाला है। वह महिला को पिछले कई साल से जानता था। उनकी पहचान लवली ने करवाई थी। तीन सितंबर को महिला ने राकेश को फोन कर मिलने के लिए कहा। वह राकेश से मिलने के लिए उसके राजगुरु नगर स्थित घर पहुंची। थोड़ी देर बाद महिला का पति करणजीत, सरपंच गुरचरण सिंह, लवली और पुलिस मुलाजिम हरविंदर सिंह भी वहां पहुंच गए। उन्होंने आते ही राकेश को धमकाना शुरू कर दिया कि उसने महिला के साथ संबंध बनाए हैं, इसलिए उस पर रेप का मामला दर्ज किया जाएगा। कांस्टेबल हरविंदर सिंह उसे थाने ले जाने को कहने लगा। राकेश डर गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपियों ने राकेश से कहा कि वह उन्हें बीस लाख रुपये दे तभी उसे इस मामले से राहत मिल सकेगी। बाद में सौदा 12 लाख पर तय हो गया। आरोपियों ने राकेश से 5 लाख कैश और 7 लाख का एक चेक सरपंच गुरचरण के नाम पर ले लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने रकम लेने के बाद भी ठेकेदार को धमकाना नहीं छोड़ा। फिर उसने अपने परिवार वालों को सारी बात बताई। इसके बाद पुलिस को जानकारी दी। अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तीन को काबू कर लिया।
एसएचओ सुरिंदर मोहन ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ चल रही है। पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि इन लोगों ने पहली बार ऐसी वारदात की है या पहले भी लोगों को इस तरह ठग चुके हैं।