सराय रोहिला और श्री नांदेड़ साहिब एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को
लेकर पिछले करीब 70 दिनों से चल रहा लोगों का संघर्ष रंग लाया। वीरवार को
बीकानेर-सराय रोहिला (दिल्ली) ट्रेन का मलोट में ठहराव हुआ तो जैसे पूरा
शहर ही स्वागत को उमड़ पड़ा।
विधायक हरप्रीत सिंह, चेयरमैन दियाल
सिंह कोलियांवाली सहित संघर्ष कमेटी के सदस्यों ने पुष्पवर्षा कर ट्रेन का
मलोट स्टेशन पर स्वागत किया। ट्रेन अपने निर्धारित समय 5:13 से लगभग एक
घंटा 6:10 मिनट पर मलोट पहुंची। ट्रेन के चालक विनोद कुमार, सहायक चालक
राजीव कुमार व गार्ड राम हरी मीना का क्षेत्र वासियों ने पुष्प मालाएं
पहनाकर स्वागत किया और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
इसके
उपरांत विधायक तथा चेयरमैन हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। चेयरमैन
कोलियांवाली व विधायक हरप्रीत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह
बादल ने निजी दिलचस्पी लेकर रेल मंत्री से मिल इन ट्रेनों के मलोट ठहराव का
मुद्दा उठाया था। जिसकी बदौलत आज इस ट्रेन का मलोट में ठहराव संभव हो सका
है। उन्होंने रेलमंत्री, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल,
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, केंद्रीय मंत्री विजय सांपला, सांसद
अविनाश खन्ना व शेर सिंह घुबाया का आभार जताया।
गौरतलबहे कि
ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर भाजपा जिला मुक्तसर का प्रतिनिधिमंडल
विजय सांपला व अविनाश राय खन्ना के साथ रेलमंत्री सुरेश प्रभु से मिला था।
इस दौरान 25 जून को सराय रोहिला तथा 1 जुलाई से नांदेड़ साहिब ट्रेन के
ठहराव की बात कही गई थी। इस मौके डॉ. सुखदेव सिंह, चेयरमैन राज रस्सेवट,
अध्यक्ष राम सिंह आरेवाला, उपाध्यक्ष हैप्पी डावर, डॉ. जगदीश शर्मा, भाजपा
जिला अध्यक्ष राकेश ढींगरा भी उपस्थित थे।
ट्रेन का समय
बीकानेर-सराय
रोहिला ट्रेन सुबह 5:13 पर मलोट पहुंचेगी और 5:15 बजे आगे श्रीगंगानगर के
लिए रवाना होगी। श्रीगंगानर से चल कर रात्रि पर वापिस 11:51 पर मलोट पहुंचा
करेगी।
नांदेड़ साहिब के ठहराव की आधिकारिक घोषणा नहीं
शहरवासियों
के संघर्ष की बदौलत सराय रोहिला ट्रेन का ठहराव तो शुरू हो गया है। अब
श्री नांदेड़ साहिब ट्रेन के ठहराव की आस लगाई जा रही है। श्री
गंगानगर-नांदेड साहिब ट्रेन 12485-86 के ठहराव की अभी अधिकारिक घोषणा नहीं
की गई। मलोट स्टेशन मास्टर राम स्वरूप मीणा ने बताया कि 12485-86 श्री
गंगानगर नांदेड साहिब ट्रेन के 1 जुलाई से रुकने की जानकारी मिल चुकी है,
परंतु अभी लिखित सूचना नहीं आई है।