नकली प्लैटलैट्स मामले के अहम सूत्रधार रिलायंस लाइफ साइंस के मैनेजर आरोपी जाहीर बोरा को पुलिस ने सोमवार को अदालत में पेश कर पांच दिन का रिमांड हासिल किया है। पुलिस के अनुसार इस दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी अजय मलूजा ने बताया कि आरोपी बोरा को अदालत में पेश कर पांच दिन का पुलिस रिमांड हासिल कर लिया है। उन्होंने बताया कि बोरा से पुलिस प्लैटलैट्स बनाने का सौदा करने के बारे में पूछताछ करेगी। उसके सभी बैंक खाते चेक करेगी।
एआईजी का कहना था कि अब पुलिस इस मामले से संबंधित कंपनी रिलायंस से भी दस्तावेज लेगी। जांच करेगी कि आखिर इस मामले का मास्टर माइंड कौन है। उन्होंने बताया कि आरोपी दिलबाग सिंह जो जेल में है, उसको सोमवार प्रोडक्शन वारंट पर लाकर और बोरा को आमने सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी।
एआईजी का कहना था कि पुलिस आगामी दिनों में जेल में बंद आरोपी दिलबाग सिंह को भी प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी। दोनों को आमने सामने बैठाकर उनसे पूछताछ की जाएगी।
काउंटर इंटेलिजेंस और सेहत विभाग ने बीती 13 जून को एक सांझे ऑपरेशन के तहत जिले के गांव बीड बहमण के पास बने एक मकान में छापामारी कर टैंकर को जब्त किया था। इसमें से करीब 21 हजार 752 नकली प्लेटलेट्स की थैलियां बरामद की गई। आरोपियों ने रिलायंस कंपनी के साथ लाखों रुपये का सौदा कर असली प्लैटलेट्स तैयार करके देने थे।
खून का इंतजाम ने होने के चलते आरोपियों ने सिंथेटिक प्लेटलेट्स को तैैयार करने के लिए 4 हजार लीटर दूध, 500 अंडे, 1 किलो मीठा सोडा, 3 किलो रिफाइंड तेल का उपयोग किया था। सेहत विभाग के अनुसार उक्त तैयार किए गए नकली प्लैटलेट्स की पीएच 7 है, जो कि पूरी तरह तेजाब है।
टीम ने आदेश अस्पताल के ब्लड इंचार्ज दिलबाग सिंह, मैक्स अस्पताल के लैब टेक्नीशियन परमजीत सिंह के अलावा भट्टी रोड पर स्थित सुखमनी फार्मा के संचालक परमजीत सिंह, परमजीत के भाई नरेंद्र सिंह और कंटेनर चालक लाल बहादुर को गिरफ्तार किया था।