लुधियाना के कूमकलां के गांव हारिया और तखरां रोड गांव के पास 29 मार्च की देर शाम को कुल्हाड़ी से वार कर मौत के घाट उतारे गए कांग्रेसी ब्लाॅक प्रधान परमिंदर तिवारी की हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया।
दोनों आरोपी वहां से नेपाल घुसने की फिराक में थे। पुलिस अजय और लक्की को ट्रांजिट रिमांड पर बिहार से लेकर पहुंची और अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड लिया है। पुलिस इस मामले में आरोपी अजय के पिता जय सिंह, भाई रवि कुमार, अमरीश और एक अन्य साथी सुनील को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस देहात जसकिरणजीत सिंह तेजा ने बताया कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के बाद कई तरह के चैलेंज थे। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी अजय उर्फ विजय का परिवार मूल रूप से उत्तरप्रदेश के जिला सहारनपुर का रहने वाला है। वह पिछले करीब 25 साल से गांव खोखरा में रह रहे हैं। उन्होंने पांच मरले पंचायती जगह पर घर बना रखा है।
कांग्रेस का ब्लाॅक प्रधान होने के कारण परमिंदर चाहता था कि पंचायती जगह पंचायत के पास वापस आए। वह अजय और जय सिंह को उक्त जगह पंचायत को वापस देने के लिए कहता था। इस कारण अजय और उसके सारा परिवार जगह खाली कराए जाने को लेकर परमिंदर तिवारी को जिम्मेदार मानता था। इस कारण अजय ने अपने पारिवारिक सदस्यों और दोस्त लक्की व सुनील के साथ मिल परमिंदर तिवारी को ही रास्ते से हटाने की प्लानिंग बना डाली। इसके बाद लक्की और विजय परमिंदर तिवारी की रेकी करने लगे। 29 मार्च की देर शाम को आरोपी बस अड्डे पर उसका इंतजार कर रहे थे। आरोपी कुल्हाड़ी लेकर गांव में ही घूमते रहे।