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युवक को घर में बंधक बनाया, चार गिरफ्तार

Tue, 26 Jul 2016 09:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, खन्ना (लुधियाना)
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अपहरण - फोटो : Getty
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मां की एसी लोन की फाइल कैंसिल हुई तो युवक ने दुकान मालिक के बेटे को अगवा करने का प्लान बना लिया, हालांकि वह सफल नहीं हो पाया। पुलिस ने युवक को किडनैपरों के चंगुल से बचाकर एक औरत समेत चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपियों की पहचान बीबीए के छात्र चन्नमीत सिंह, उसकी मां रमनदीप कौर, पिता जगप्रीत सिंह, पड़ोसी निर्मल सिंह और सुनील उर्फ सन्नी निवासी खन्ना के तौर पर हुई है। सन्नी फिलहाल फरार है। जगप्रीत सिंह हरियाणा पुलिस में हेड कांस्टेबल है और अंबाला पुलिस लाइन में तैनात है। सूत्रों के अनुसार वह खुद को केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल का पायलट सिक्योरिटी इंचार्ज और हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर बताता था। हालांकि पुलिस ने इस बात से इंकार किया है। 

एसपी (आई) सतनाम सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सिविल अस्पताल के पास नंदा आटोज से 18 जून को रमनदीप कौर निवासी नई आबादी ने एसी खरीदा था। इसके लोन के लिए बजाज फाइनेंस से फाइल बनाई गई थी। एसी की कीमत करीब 40 हजार रुपये थी। रमनदीप कौर तीसरा हिस्सा देकर एसी ले गई थी, लेकिन फाइनेंस वालों ने डिफाल्टर होने के कारण लोन की फाइल रद्द कर दी थी।
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25 जुलाई को रमनदीप का बेटा चन्नमीत सिंह (गुलजार कॉलेज में बीबीए का छात्र) अपने साथी टैक्सी चालक निर्मल सिंह के साथ नंदा ऑटोज गया था। चन्नमीत ने दुकान वालों से कहा था कि उसकी माता के बजाय पिता जगप्रीत सिंह के फाइल पर शाम को घर आकर हस्ताक्षर करवा लेना। 

दुकान मालिक के बेटा विनोद नंदा हस्ताक्षर करवाने चला गया। करीब सवा छह बजे का गया विनोद रात 9 बजे तक वापस नहीं आया। उसके मोबाइल भी बंद आ रहे थे। करीब साढ़े 10 बजे के करीब विनोद का भाई संदीप उक्त लोगों के घर गया। वहां से जवाब मिला कि विनोद हस्ताक्षर करवाकर चला गया था। काफी तलाश करने पर जब कोई पता नहीं चला, तो संदीप ने पुलिस को शिकायत दी।

उसने उक्त लोगों पर अपने भाई को अगवा करने का आरोप लगाया। इस पर पुलिस की एक टीम नई आबादी में आरोपियों के घर गई। वहां हेड कांस्टेबल जगप्रीत सिंह से पूछताछ की गई, तो उसने कोई तसल्लीबख्श जवाब नहीं दिया। जांच करने पर घर के कमरे से विनोद नंदा मिला, जिसके हाथ पांव बांधे हुए थे।

पुलिस ने चार आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार करके विनोद की स्कूटी भी बरामद कर ली।  विनोद ने कहा कि सभी आरोपी जब उसे बंदी बना रहे थे, तो वे बातें कर  रहे थे कि 10 लाख रुपये फिरौती मांगेंगे और बाद में उसे मार देंगे। इस मौके पर डीएसपी (आई) अनिल कोहली, डीएसपी जगविदंर सिंह चीमा और एसएचओ अजीतपाल सिंह मौजूद थे।
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