पंजाब के लुधियाना के जगरांव में शुक्रवार को दिनदहाड़े हुए कबड्डी खिलाड़ी तेजपाल सिंह की हत्या मामले में परिवार अभी भी पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं है। परिवार ने पुलिस को कहा है कि जब तक तीसरा आरोपी हरजोबनप्रीत सिंह उर्फ काला रूमी गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक न तो पोस्टमार्टम कराया जाएगा और न ही अंतिम संस्कार होगा।
परिवार का कहना है कि पुलिस चाहे आरोपी को दो घंटे में पकड़े या दो दिन में, लेकिन गिरफ्तारी के बिना कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मृतक की अन्य रस्में जैसे पाठ आदि सामान्य रूप से चलती रहेंगी, मगर अंतिम संस्कार तभी होगा जब तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी हो जाएगी।
परिवार ने पुलिस पर यह आरोप भी लगाया कि वह बार-बार आकर दबाव बना रही है कि पोस्टमार्टम जल्द कराया जाए, जबकि परिवार इस मामले में अड़िग है कि पहले न्याय मिले, फिर संस्कार होगा।
हालांकि पुलिस ने रविवार को तेजपाल हत्या मामले में फरार चल रहे मुख्यरोपी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि अन्य आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। आरोपियों की पहचान हरप्रीत सिंह उर्फ हनी गांव रूमी और गगनदीप सिंह उर्फ गगना निवासी गांव किल्ली चाहला मोगा के रूप में हुई है। आरोपी हरप्रीत सिंह का भाई हरजोबनप्रीत सिंह काला अभी फरार है और मृतक तेजपाल सिंह के परिवार के सदस्य उसकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
इस मामले को लेकर एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता ने बताया कि तेजपाल सिंह के दोस्त प्रभलदीप सिंह की आरोपी हरप्रीत सिंह के साथ पहले ही रंजिश चल रही थी। 20-21 दिन पहले प्रलाभ सिंह अपनी पत्नी व बहन के साथ जगरांव में सलीना जिम के पास शॉपिंग के लिए लेकर आया था। वहां पर पहले से मौजूद आरोपी हरप्रीत सिंह हनी अपने 5-6 साथियो के साथ खड़ा था, जोकि प्रभाल सिंह की पत्नी व बहन को घूर कर देख रहा था। जब प्रभाल सिंह ने आरोपी की तरफ घूर कर देखा तो आरोपी साथियों समेत मौके से चला गया था। वारदात वाले दिन अचानक मिलने पर फिर दोनों में विवाद हो गया। अपने दोस्त को बचाने के लिए तेजपाल को अपनी जान गवानी पड़ी। पुलिस ने हरप्रीत सिंह उर्फ हनी, हरजोबनप्रीत सिंह उर्फ काला, गगनदीप सिंह उर्फ गगना और 5-6 अज्ञात को भी नामजद किया है। आरोपी हरजोबनप्रीत सिंह काला व अन्य फरार चल रहे हैं।
पिता की शिकायत पर केस दर्ज
मृतक तेजपाल सिंह के पिता रघुवीर सिंह निवासी गिद्दडविंडी ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार दोपहर वह अपने बेटे तेजपाल और उसके दोस्त प्रलभ सिंह के साथ सुनहरी किरण ऑयल मिल में पशुओं की खुराक लेने गए थे। वहीं पर आरोपी हनी ने झगड़ा शुरू किया और फिर अपने भाई काला व आठ नौ साथियों के साथ मिलकर हमला बोल दिया। विवाद के दौरान हनी ने अपने पिस्तौल से तेजपाल के सीने में गोली दाग दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।